फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: सद्दाम और लल्ला गद्दी ने गुर्गों के नाम पर खरीदी थी करोड़ों की जमीन

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। लल्ला गद्दी और उसके आका सद्दाम ने खुद को बचाने के लिए गुर्गों के नाम से 5.30 करोड़ रुपये की जो जमीन हरूनगला में खरीदी थी, अब उसकी कुर्की के आदेश जारी किए गए हैं। पुलिस ने विवेचना के दौरान बैंक खातों से हुए लेन-देन को खंगाला तो ये जानकारी निकलकर सामने आई थी। जल्द ही पुलिस व प्रशासन की टीम जमीन को जब्त करेगी।
विज्ञापन

बदायूं जेल में बंद सद्दाम ने बरेली में रहते हुए उमेश पाल हत्याकांड में अशरफ का सहयोग किया और बरेली जेल में बंद रहने के दौरान उसके लिए सुविधाओं का इंतजाम किया। विवेचना और कार्रवाई में यह तथ्य सामने आए। लल्ला गद्दी स्थानीय होने के नाते अशरफ के सहारे शहर में अपनी राजनीति चमकाना चाहता था। उसका यह भी मकसद था कि खुश होकर माफिया अशरफ उसको इनाम दे और सद्दाम के जरिये काली कमाई उसके द्वारा बतायी गई जमीनों में लगा दे। लल्ला गद्दी काफी हद तक इसमें कामयाब भी हो रहा था।
लल्ला गद्दी के इशारे पर सद्दाम ने हरूनगला की जमीन में निवेश किया। पुलिस की छानबीन में पूरा मामला खुल गया। लल्ला गद्दी के साथी फुरकान ने सद्दाम को प्राॅपर्टी डीलर फरहद उर्फ गुड्डू से भी मिलवाया था। मुंशीनगर में फरहद के नाम से जमीन लेने की तैयारी थी, लेकिन लल्ला गद्दी ने तेजी दिखाकर इलियास और जाहिद के नाम पर हरूनगला स्थित जमीन का इकरारनामा करा दिया। लल्ला गद्दी ने फंसने के डर से बैनामे के बजाय इलियास और जाहिद के नाम से जमीन का एग्रीमेंट कराया। पुलिस ने गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद जब गिरोह के गुर्गों की जमीन और खातों की जानकारी खंगाली तो हरूनगला में स्थित जमीन का मामला सामने आया।
विज्ञापन

जमीन बेचने वालों पर भी नजर
जाहिद और इलियास भी पुलिस के रडार पर हैं। दोनों ने किसके कहने पर जमीन का एग्रीमेंट कराया और सद्दाम ने उन्हें जमीन के लिए रुपये कहां से लाकर दिए, इसकी जांच की गई है। वहीं, जिस गाटा संख्या में जमीन खरीदने के लिए सद्दाम के रुपये का इस्तेमाल किया गया है, उस गाटा संख्या के आसपास की जमीनों पर एक भूमाफिया का भी नाम है। सद्दाम का नाम उस भूमाफिया से पहले भी जुड़ता रहा है। जमीन को बेचने वाले पक्ष पर भी पुलिस की नजर है। अमर उजाला ब्यूरो

गैंगस्टर की चार्जशीट के बाद प्रशासन ने संबंधित संपत्ति को कुर्क करने का निर्णय लिया है। जल्द ही पुलिस के साथ प्रशासन ये कार्रवाई करेगा। इस मामले में अधिकतम कार्रवाई हो चुकी है। नए तथ्य सामने आते हैं तो जांच की जाएगी। - मानुष पारीक, एसपी सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें