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सदाकत अली ने अपने ही मैनेजर व मुंशी के खिलाफ की थी गबन की शिकायत

Fri, 18 Oct 2019 02:17 PM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
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सांकेतिक तस्वीर
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बरेली टेरर फंडिंग मामले में संदिग्ध सदाकत अली ने हवाला के धंधे से मोटी रकम कमाई और रईस बना। खबर है कि दो साल पहले उसी के भट्ठा मैनेजर और मुंशी ने मिलकर करीब 80 लाख की चपत लगाई थी। इस मामले में उसने गबन और फिर जानलेवा हमले की रिपोर्ट कराई।

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इसके बाद पूरे मामले में पुलिस पर सवाल उठाते हुए सदाकत ने ट्विटर पर लिखा था कि दरोगा उसके केस को हल्का कर रहे हैं। सदाकत ट्विटर पर अपनी छोटी-बड़ी सभी बातें शेयर करता था। वह महाराष्ट्र में तैनात बरेली निवासी आईपीएस नूरूल हसन का फैन है। 

उसने उनकी तस्वीरें अपने अकाउंट से शेयर भी की हैं। हवाला के धंधेबाजों से जुड़ा सदाकत दो साल पहले तक केवल अपने काम पर ध्यान देता था। अपने केजीएन ब्रिक फील्ड (ईंट भट्ठा) के मैनेजर यासीन, मुंशी आदिल और उसके मामा के खिलाफ सदाकत ने फतेहगंज पश्चिमी थाने में 19 फरवरी 2017 को रिपोर्ट कराई थी। 
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सदाकत ने भट्ठे पर करीब 80 लाख की ईंटों को बिना जानकारी बेचकर गबन करने के मामले में इन लोगों पर रिपोर्ट कराई थी। साथ ही धोखाधड़ी का विरोध और शिकायत पर उसकी कार पर फायरिंग करने में भी इन्हें नामजद किया था। ये सब उसने ट्विटर पर साझा किया है। कुछ दिन बाद उसने फतेहगंज थाने के दरोगा छोटेलाल पर भी आरोप लगाया कि वह उसके केस को खत्म कर रहे हैं। 

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जीआरपी को न फुटेज मिली न सुराग

जीआरपी सिटी ने स्टेशन पर कार खड़ी करने के बाद उसके मालिक के बारे में तफ्तीश की तो पार्किंग स्टैंड वालों ने गोलमोल बातें करके उलझा दिया। जीआरपी दरोगा उस्मान अली ने सीटीटीवी फुटेज से कार को खड़ी करने आने वालों का हुलिया और पता लगाने की कोशिश की। पता लगा कि न तो स्टैंड और न ही आसपास कोई कैमरा लगा है। ऐसे में जांच उलझ गई है। 

बसपा नेता बोले- सदाकत से लेनादेना नहीं

सदाकत के व्हाट्सएप प्रोफाइल से लेकर फेसबुक अकाउंट तक बसपा से मेयर का चुनाव लड़ चुके मोहम्मद यूसुफ के साथ उसके फोटो हैं। अजमेर शरीफ दरगाह पर हाजिरी लगाने गए यूसुफ का इस बारे में कहना है कि उनकी पार्टी ने 80 लोगों को पार्षद का टिकट दिया था। 

टिकट देते समय केवल प्रत्याशी का बायोडाटा ही सामने होता है, उसके व्यक्तिगत जीवन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होती। उस वक्त प्रत्याशी रहा सदाकत अगर गलत धंधों में शामिल है तो इसके लिए बसपा और वह जिम्मेदार नहीं हैं।
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