रूपवती हत्याकांड के आरोपी
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सार्थक के इशारे पर निखिल ने पीछे से मारी गोली
सार्थक ने रूपवती को मारने के लिए सागर और निखिल के साथ मिलकर सबसे पहले तमंचों का इंतजाम किया और हत्याकांड की रूपरेखा तैयार की। रूपवती कुंवर बरातघर के पास नॉनवेज का ठेला लगाती थी। 16 नवंबर को सार्थक वहां जाकर पहले से खड़ा हो गया। सागर बाइक लेकर वहां पहुंचा जिस पर पीछे निखिल बैठा था।
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पहचान छिपाने के लिए दोनों ने हेलमेट पहन रखे थे। सार्थक ने रूपवती की तरफ इशारा कर गोली मारने के लिए कहा। तब चलती बाइक पर पीछे बैठे निखिल ने तमंचे से रूपवती को गोली मार दी। सागर और निखिल बाइक लेकर श्मशान भूमि की तरफ निकल गए। सार्थक भी वहां से चला गया। सार्थक ने हत्या करने के बाद बीस-बीस हजार रुपये सागर और निखिल को देने का वादा किया था।
पहली बार जबड़े में मारी गोली तो बच गई जान
जून माह में हमलावरों ने रात में रूपवती को गोली मारी थी। इससे पहले रूपवती का उनके पीलीभीत निवासी भाई-भतीजों से विवाद हुआ था, इसलिए उनकी बेटी पायल ने मामा व ममेरे भाई पर रिपोर्ट लिखवा दी। ऑपरेशन के बाद रूपवती की जान बच गई।
बारादरी पुलिस ने आरोपियों की सर्विलांस डिटेल निकाली तो वह पीलीभीत की मिली। तब रूपवती ने भी लिखकर दिया कि भाई-भतीजे ने हमला नहीं किया था। अब आरोपियों ने कबूल किया कि उन्हीं ने पहला हमला किया था। इसमें असफल होने पर दोबारा हत्या की योजना बनाई। अब उस मामले में भी इन्हीं आरोपियों पर चार्जशीट लगेगी।
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प्रभारी एसएसपी मानुष पारीक ने बताया कि हत्यारोपियों की रूपवती से कोई सीधी रंजिश नहीं थी। केवल तांत्रिक के बताए इशारे पर वह समझ बैठे थे कि उनकी बहन की मौत की जिम्मेदार रूपवती है। इसलिए उसकी हत्या कर दी। तांत्रिक व एक अन्य आरोपी को भी जल्द जेल भेजा जाएगा।