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रुहेलखंड विश्वविद्यालयः बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने मूल्यांकन पर उठाए सवाल

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MJP Rohilkhand university
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पौने दो महीने के अंदर सूचना के अधिकार के तहत तीन सौ से ज्यादा आवेदन
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इनमें से 90 फीसदी विद्यार्थियों ने कॉपियां देखने की मांगी अनुमति

बरेली। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने रुहेलखंड विश्वविद्यालय के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर सवाल उठाए हैं। अक्तूबर से अब तक करीब तीन सौ विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय से सूचना के आधार के कई तरह की जानकारियां मांगी हैं, जिनमें से 90 फीसदी छात्र-छात्राओं ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर असंतोष जाहिर करते हुए कापियों को देखने की अनुमति मांगी है। विश्वविद्यालय के गोपनीय अनुभाग में इन छात्रों के समूह बनाकर कापियां देखने के लिए बुलाया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के खतरे के चलते इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में काफी विलंब हो गया था। देरी के बाद विश्वविद्यालय ने अगस्त-सितंबर में विश्वविद्यालय परिसर में चार मूल्यांकन केंद्र बनाकर कापियों की जांच कराई। कोरोना की वजह से इस बार उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए परीक्षकों की संख्या भी कम थी। इसलिए कॉपियों की जांच में काफी आपाधापी रही। इधर, बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। विश्वविद्यालय के पास इस बार अक्तूबर से अब तक तीन सौ स्टूडेंट्स के सूचना के अधिकार के तहत प्रार्थनापत्र आए हैं। इसमें 90 फीसदी विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्हें उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर असंतोष जाहिर करते हुए कापियों का स्वयं अवलोकन करने के लिए अनुमति मांगी है।

पुनर्मूल्यांकन के लिए देनी पड़ रही 2000 रुपये फीस

अगर किसी छात्र या छात्रा को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर चैलेंज करना है तो उसे इसके लिए विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने के साथ ही 2000 रुपये का शुल्क जमा करना होता है। अगर पुनर्मूल्यांकन में मिले अंक से 15 फीसदी ज्यादा नंबर आते हैं तो 500 रुपये काटकर बाकी फीस विद्यार्थी को वापस कर दी जाती है। जबकि ऐसा न होने पर विश्वविद्यालय यह पूरी फीस जब्त कर लेता है। विश्वविद्यालय ने चैलेंज पुनर्मूल्यांकन के लिए अब तक प्रक्रिया भी नहीं शुरू की है।
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सूचना के अधिकार के तहत अक्तूबर से अब तक करीब तीन सौ छात्र-छात्राओं के आवेदन आए हैं। इसमें ज्यादातर आवेदन उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन को देखने के प्राप्त हुए हैं। - सुनीता यादव, असिस्टेंट रजिस्ट्रार (परीक्षा), रुहेलखंड विश्वविद्यालय
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