बजट में कर्मचारियों के वेतन, पेंशन और बकाया भुगतान के बाद सड़कों के निर्माण, मरम्मत और सफाई व पेयजल व्यवस्था के संचालन में सबसे अधिक व्यय प्रस्तावित है। सफाई व्यवस्था के लिए 2023-24 के बजट में 15 करोड़ रुपये कुल व्यय का प्रावधान बढ़ाकर 18 करोड़ कर दिया गया है।
इन पार्षदों की रही भागीदारी
उप सभापति सर्वेश रस्तोगी, पार्षद मीरादेवी, निधि सक्सेना, नीरज कुमार, सागर मौर्य, सौरभ कुमार, अलीम खां सुल्तानी, सलीम पटवारी, गरिमा अग्रवाल, आरेंद्र सिंह व रामपाल गंगवार की भागीदारी रही। अपर नगर आयुक्त अजीत सिंह, सुनील यादव भी मौजूद रहे।
ये भी लिए गए फैसले
- 800 ड्रम दूध डेयरियों के बाहर रखे जाएंगे ताकि गोबर नाली में न बहाया जाए। गोबर से खाद बनाने के लिए निजी फर्म से नगर आयुक्त बात करेंगी।
- परसाखेड़ा गोटिया गोकुलपुर में सड़क बनाने के लिए जमीन खरीदी जाएगी। भूमि अधिग्रहण पर 2 करोड़ रुपये व्यय के प्रावधान को पुनरीक्षत बजट में भी मंजूरी दी गई।
- नई दूध डेयरियों को शहरी सीमा क्षेत्र मेंं स्थापित नहीं होने दिया जाएगा। बीडीए से नगर निगम कैटिल कॉलोनी विकसित कराएगा। कैटिल कॉॅलोनी या शहर की सीमा से बाहर ही डेयरी बन सकेंगी।
- सड़क पर डेयरी संचालित करने वालों के पशु पकड़े जाएंगे। अतिक्रमण हटाओ दस्ता कार्रवाई करेगा। 20 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा। कान्हा उपवन में रखे गए गोवंशीय पशुओं पर 50 लाख रुपये व्यय किए जाएंगे।
- स्वच्छ भारत मिशन में 19 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान है। इससे कूड़ा निस्तारण के लिए संसाधन खरीदे जाएंगे। 2.5 करोड़ रुपये की लागत से पांच नए मैटेरियल रिकवरी फैसलिटी (एमआरएफ) सेंटर बनेंगे।
- जीआई टैगिंग के साथ शहर के भवनों में मकान नंबर भी पड़ेंगे। शहर की प्रकाश व्यवस्था ठीक करने के लिए लाइटें खरीदी जाएंगी।
- गृहकर, जलकर वसूली को बेहतर बनाने के लिए मोबाइल एप बनेगा। ऑनलाइन टैक्स जमा कर सकेंगे। सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बकाया का भुगतान होगा।
नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स ने बताया कि डेयरी का गोबर नालियों में न जाने पाए, इसके लिए नगर निगम कदम उठाएगा। पार्षद सहयोग प्रदान करें। ठेकेदारों का पुराना भुगतान किया जाएगा। इसके बाद भी अगर ठेकेदार अधूरे काम को पूरा नहीं करते हैं तो संबंधित फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा।