परीक्षा नियंत्रक संजीव कुमार ने स्पष्ट किया कि यह शिक्षक अब महाविद्यालय और विश्वविद्यालय स्तर पर होने वाली किसी भी परीक्षा में किसी भी तरह का कार्य नहीं कर पाएंगे।
मूल्यांकन में बरती लापरवाही
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि कॉलेज की जो भी शिकायत आती हैं, उसकी समीक्षा करते रहते हैं। परीक्षा में किसी भी विद्यार्थी को परेशानी नहीं होनी चाहिए, यह रुहेलखंड विश्वविद्यालय की प्राथमिकता हमेशा से रही है। जांच में चार शिक्षकों ने मूल्यांकन जैसे संवेदनशील कार्य में लापरवाही सामने आई है। इसके चलते चार शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है।