फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: बारिश में उखड़ीं 116 करोड़ की सड़कें

Thu, 01 Oct 2026 12:59 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। नगर निगम ने पिछले साल सड़कों और नाले-नालियों के निर्माण पर 116 करोड़ रुपये खर्च किए। इस रकम से बनाई गईं सड़कें बारिश का एक सीजन भी नहीं झेल सकीं। अब इन पर बेशुमार गड्ढे हो गए हैं। राहगीर हिचकोले खा रहे हैं। नगर निगम ने अब ऐसी सड़कों की सूची बनानी शुरू कर दी है। इनकी मौजूदा स्थिति का आकलन कर नए बजट में इनके पुनर्निर्माण और मरम्मत के प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे।
विज्ञापन

सिविल लाइंस रोड पर हुए गड्ढे
सिविल लाइंस में हनुमान मंदिर के सामने रोड पर कई गड्ढे हो गए हैं। यहां से दिनभर वीआईपी मूवमेंट होता रहता है। शहरवासियों का आना-जाना रहता है। नावल्टी चौराहे के पास ही महादेव सेतु पर भी दिनभर लोगों की आवाजाही रहती है। यह रोड 15वें वित्त से डलवाई गई थी, लेकिन हनुमान मंदिर के सामने यह रोड सालभर में ही कई बार टूट चुकी है। अगस्त में यहां पर पानी की लाइन टूट गई थी, जिसके बाद इसकी ठीक से मरम्मत नहीं हो पाई है।
बीसलपुर रोड फिर हुई बदहाल

पीलीभीत रोड से बीसलपुर की ओर जाने वाली सड़क पर फिर गड्ढों की भरमार हो गई है। एक साल पहले एक करोड़ रुपये से इस रोड की मरम्मत कराई गई थी। कुछ दिन तक रोड ठीक रही, लेकिन लगातार बारिश के चलते रोड फिर उखड़ गई है। यह रोड शहर की महत्वपूर्ण सड़कों में से एक है। यहां से बीसलपुर जाने वाले लोग दिनभर निकलते हैं। रोड टूटी होने के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

श्यामगंज से सेटेलाइट रोड
श्यामगंज से सेटेलाइट की ओर जाने वाली सड़क पर गड्ढों की भरमार है। ये सड़क 15वें वित्त से बनाई गई थी। बनने के कुछ साल बाद से ही ये रोड टूटने लगी। श्यामगंज चौराहे से आगे सड़क पर डेढ़ फुट तक गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिनमें ई-रिक्शा व बाइक सवार फंस रहे हैं। कई बार ई-रिक्शा पलट भी चुके हैं। इस रोड पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च हुए थे, लेकिन अब यह पूरी तरह उखड़ गई है। इसपर कई बार पैच वर्क कराया जा चुका है।
बरेली कॉलेज रोड फिर होन लगे गड्ढे
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 60 करोड़ से बनी बरेली कॉलेज रोड पर फिर गड्ढे होने लगे हैं। इसी रोड पर नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारियों के आवास भी हैं। जुलाई में पानी की पाइप लाइन फटने के बाद इस सड़क पर 10 फुट गहरा गड्ढा हो गया था। इस रोड की गारंटी तीन साल की थी, लेकिन समय पूरा होने के बाद अब इसकी देखरेख निगम की ओर से की जा रही है। वीआईपी रोड होने के बाद भी लोग रोड पर चलने से परेशान हो रहे हैं।
गड्ढों में वाहन चलाने से होते हैं ये नुकसान
- गड्ढों के झटकों से रीढ़ की हड्डी पर लगातार दबाव पड़ता है, जिससे तेज कमर दर्द की शिकायत हो सकती है।
- अचानक लगने वाले झटकों से दो हड्डियों के बीच का गद्दा यानी इंटरवर्टेब्रल डिस्क खिसक सकती है।
- लगातार झटके लगने से घुटनों, कूल्हों और पीठ की मांसपेशियों व लिगामेंट्स पर बुरा असर पड़ता है।
- गहरे गड्ढों वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने से हड्डियों में छोटे-छोटे क्रैक या फ्रैक्चर तक हो सकते हैं।
(नोट : जिला अस्पताल के डॉ. दिनेश गंगवार के मुताबिक)

वर्जनबारिश के बाद सड़कों पर हुए गड्ढों को भरवाया जा रहा है। कई सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर प्रकिया भी चल रही है। - राजीव कुमार राठी, एक्सईएन, नगर निगम
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें