कच्चे माल की कमी से साबुन का घट रहा वजन
कारोबारी गिरीश अग्रवाल के मुताबिक साबुन बनाने में इस्तेमाल होने वाले रसायनों की आपूर्ति पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से प्रभावित हुई है। कच्चा माल पहले की तुलना में तीन से चार गुना महंगा मिल रहा है। निर्माण के बाद पैकेजिंग की महंगाई का असर साबुन, नमकीन, बेकरी के उत्पादों पर भी पड़ा है।
ऐसे बढ़ा महंगाई का मीटर
| वस्तु |
पहले का भाव |
वर्तमान भाव |
| मंसूरी चावल |
41-42 |
51-52 |
| 1121 चावल |
58-60 |
65-70 |
| मखाना |
850-900 |
1100-1200 |
| मूंग दाल |
114 |
108 |
| अरहर दाल |
125-130 |
118-120 |
| साबुत मिर्च |
280 |
320 |
| धनिया |
180 |
260 |
| हल्दी |
150-160 |
190-200 |
| चीनी |
45 |
48 |
(नोट: कीमतें श्यामगंज बाजार के अनुसार)