मेहनत से जीता था अफसरों का भरोसा
उम्रकैद की सजा होते ही हरपाल ने जेल से भागने की योजना बना ली थी। सवा साल में उसने अपने काम और व्यवहार से जेल अफसरों व कर्मियों का दिल जीत लिया। सूत्र बताते हैं कि वह बेहद कम बोलता था। सिर्फ काम से मतलब रखता था। जो काम बताया जाता था, उसे कर लेता था।
इसी भरोसे की वजह से वह कई ऐसी जगह तक चला जाता था, जहां अन्य कैदियों के जाने की इजाजत नहीं थी। इसी भरोसे को तोड़कर वह फरार हो गया। अब अधिकारी-कर्मचारी पछता रहे हैं कि उस पर जरूरत से ज्यादा भरोसा क्यों किया?
एएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि कैदी हरपाल की हरसंभव स्थानों पर तलाश की जा रही है। पुलिस के साथ अन्य टीमों को भी लगाया गया है। जल्दी ही उसे तलाश कर लिया जाएगा।