लखनऊ में आयोजित रैली से लौटते समय ट्रेन में बसपा का एक कार्यकर्ता लापता हो गया। उन्हें तलाशने के लिए बरेली जीआरपी इंस्पेक्टर के नेतृत्व में टीम गठित की गई है। सप्ताह भर बाद भी रविवार देर शाम तक बसपा कार्यकर्ता का कुछ पता नहीं चल सका।
नौ अक्टूबर को लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती की रैली हुई थी। इस रैली में कार्यकर्ताओं को आने-जाने के लिए बसपा की ओर से स्पेशल ट्रेनें बुक कराई गई थीं। रैली में सहारनपुर के कुतुबशेर थाना क्षेत्र के काजीवाला गांव से 25 लोग गए थे। इनमें काजीवाला गांव के ही 44 वर्षीय सेवाराम भी थे। सेवाराम के बेटे शिवकुमार ने बताया कि रैली खत्म होने के बाद उस रात करीब दस बजे काजीवाला गांव के लोग लखनऊ से स्पेशल ट्रेन में बैठकर सहारनपुर के लिए चले। ट्रेन में बैठने के कुछ देर बाद ही लोगों को नींद आ गई। बरेली जंक्शन पहुंचने पर पड़ोसी राजकुमार की आंख खुली तो सेवाराम सीट से लापता थे। उन्होंने कोच में घूमकर देखा, लेकिन उनका कहीं कोई पता नहीं चला। गांव वालों के घर पहुंचने पर सेवाराम के लापता होने का परिवार वालों को पता चला तो खलबली मच गई। उन्होंने सहारनपुर जीआरपी थाने जाकर सेवाराम की गुमशुदगी दर्ज करा दी। चूंकि, सेवाराम के गायब होने का बरेली जंक्शन पर पता चला था, इसलिए गुमशुदगी बरेली जीआरपी को भेज दी गई।
इस मामले की शिकायत लखनऊ में पुलिस के डीजीपी से की गई थी। शनिवार को सहारनपुर के विधायक जगपाल कार्यकर्ताओं के साथ बरेली जंक्शन स्थित जीआरपी थाने आए थे। बसपा कार्यकर्ता को तलाशने वाली टीम में एसएसआई राजेंद्र सिंह समेत कई दरोगा और सिपाही शामिल हैं।