बरेली। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पादप विज्ञान के प्रो. उपेंद्र बालियान की सीधी नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए जितेंद्र पटेल ने शासन की ओर से पूर्व में कराई गई जांच की रिपोर्ट देने के लिए राजभवन को पत्र लिखा है।
इसमें शिकायतकर्ता ने कहा है कि उपेंद्र बालियान की पात्रता सहायक आचार्य के पद की थी, लेकिन कुलपति प्रो. केपी सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने उनका चयन सीधे प्रोफेसर के पद पर कर लिया। 20 दिसंबर 2024 को कुलाधिपति से मामले की शिकायत की गई तो इसकी जांच भी कुलपति को ही सौंप दी गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह की जांच में निष्पक्षता की उम्मीद शून्य है। कुलपति की ओर से जांच निपटाए जाने के दो वर्ष बाद भी शिकायतकर्ता को कोई प्रपत्र नहीं मिला। इसलिए दोबारा पत्र लिखकर उन्होंने जांच रिपोर्ट मांगी है, ताकि सच्चाई सभी के सामने आ सके।