नवाबगंज। तहसील के पास संचालित जनसेवा केंद्रों पर फर्जी आय, जाति व अन्य प्रमाणपत्र जारी करने के मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। छापे में बरामद अभिलेखों व लैपटॉप की जांच में आरोप सही मिलने पर जनसेवा केंद्र संचालक सहित दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। डीएम को भी जांच आख्या भेजी गई है। जनसेवा केंद्र का पंजीकरण भी निरस्त करने की तैयारी है।
सोमवार को नायब तहसीलदार ने यहां छापा मारा था। इस दौरान मोहरों के साथ ही बड़ी संख्या में अभिलेख जब्त करने के साथ ही एक लैपटॉप भी कब्जे में लिया गया था। प्राथमिक जांच में एक हजार रुपये लेकर फर्जी प्रमाणपत्र बनाने की बात सामने आई थी।
मंगलवार को राजस्व टीम ने अभिलेखों की जांच की। बरामद लैपटॉप को भी खंगाला गया। जांच में आरोप सही मिले। इस जनसेवा केंद्र से फर्जी अभिलेख जारी किए गए थे। तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने जांच पड़ताल के बाद आख्या डीएम को भेजी।
बुधवार को तहसीलदार ने जन सुविधा केंद्र संचालक नेमचंद और यहां काम करने वाले विजय कुमार के खिलाफ थाना नवाबगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई। तहसीलदार ने बताया कि जनसेवा केंद्र का पंजीकरण भी निरस्त किया जाएगा। इसके लिए भी रिपोर्ट संबंधित को भेजी गई है।
लैपटॉप में मिले कई प्रमाणपत्र
तहसीलदार दुष्यंत प्रताप सिंह ने बताया कि बरामद लैपटॉप की जांच में कई प्रमाणपत्र मिले। जांच में इनके फर्जी होने की पुष्टि हुई। आशंका है कि आरोपी लंबे समय से ये खेल कर रहे थे। उनकी ओर से बनाए गए प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल कहां-कहां हुआ, ये भी जांच का विषय है।