बरेली। रेलकर्मी राजेश को गोली मारने के मामले में उनका परिवार बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टेशन रोड शाखा के स्टाफ के व्यवहार से बेहद नाराज है। छोटे भाई मुकेश का कहना है कि राजेश जमीन पर पड़े तड़प रहे थे लेकिन बैंक स्टाफ संवेदनाहीन बनकर अपने काम में व्यस्त था। उन्होंने गार्ड के साथ ही मैनेजर समेत स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी लेकिन कोतवाली पुलिस ने उनकी तहरीर नहीं ली। एक दरोगा ने दबाव बनाकर गार्ड के नाम पर तहरीर लिखवाई तब रिपोर्ट दर्ज की।
शुक्रवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे जंक्शन की नॉर्थ कॉलोनी में रहने वाले रेलकर्मी राजेश स्टेशन रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा में पासबुक अपडेट कराने गए थे। मगर मास्क नहीं लगा होने के चलते गार्ड केशव प्रसाद से उनकी नोंकझोंक हो गई थी। हल्की सी नोकझोंक होने के बाद गार्ड इतना भड़क गया कि मास्क लगाकर आने के बावजूद उसने राजेश को लंच हो जाने का बहाना बनाकर बैंक में नहीं घुसने दिया और कुछ देर बहस के बाद उन्हें गोली मार दी, जो उनकी बायीं जांघ में लगी। इस मामले में पुलिस ने राजेश की पत्नी प्रियंका राठौर की तहरीर पर गार्ड केशव प्रसाद के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज करके शनिवार को उसे जेल भेज दिया।
गुस्साए गार्ड ने जानबूझकर मारी गोली
बैंक ऑफ बड़ौदा की स्टेशन रोड शाखा की सीसीटीवी फुटेज से साफ हो गया है कि गार्ड केशव प्रसाद का मास्क लगाए बगैर आने पर ही रेलकर्मी राजेश के साथ झगड़ा हुआ था। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस ने गार्ड का यह तर्क खारिज कर दिया है कि राजेश के उसका गिरेबान पकड़ने के बाद हुई छीनाझपटी में अचानक गोली चल गई। इंस्पेक्टर पंकज पंत ने बताया कि वीडियो में दोनों के बीच छीनाझपटी या गिरेबान पकड़ने की घटना नहीं दिख रही है। बातचीत के दौरान हुए विवाद में ही गार्ड ने अपनी बंदूक से गोली चलाई।
बिना लाइसेंस कर रहा था ड्यूटी, होगा निरस्त
आरोपी गार्ड बिना लाइसेंस के ही बंदूक लेकर बैंक में ड्यूटी कर रहा था। पुलिस ने घटना के बाद ही उसकी दोनाली बंदूक को अपने कब्जे में ले लिया था। मगर उसका लाइसेंस अभी तक पुलिस को नहीं मिला है, जिसे उसने घर में होने की बात कही है। कोतवाली इंस्पेक्टर का कहना है कि घटना की रिपोर्ट डीएम को भेजकर उसका लाइसेंस भी निरस्त कराया जाएगा।
बैंक ने नहीं बुलाई एंबुलेंस, ई रिक्शा से ले जाना पड़ा
राजेश के भाई मुकेश ने बैंक मैनेजर के उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें उन्होंने एंबुलेंस बुलाने की बात कही थी। उनका कहना है कि बैंक का पूरा स्टाफ काम करने में लगा था। लगातार रुपयों का लेनदेन हो रहा था। किसी ने एंबुलेंस तक को फोन नहीं मजबूरन भाभी को ई-रिक्शा में उन्हें जिला अस्पताल लेकर जाना पड़ा।
खतरे में राजेश, 72 घंटे बाद साफ होगी स्थिति
मुकेश ने बताया कि उनके भाई का डीडीपुरम स्थित निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। गोली लगने का उनका खून काफी बह गया है और हीमोग्लोबिन का स्तर भी बहुत कम हो गया है। इसके चलते शुक्रवार और शनिवार को उन्हें दो-दो यूनिट खून चढ़ाया जा चुका है। अभी डॉक्टर ने दो यूनिट खून और मांगा है। कहा है कि 72 घंटे बाद ही उनकी स्थिति को लेकर कुछ कहा जा सकता है।
लाखों लोगों ने देखा वीडियो, बैंक पर उठा रहे सवाल
रेलकर्मी को गोली लगने के बाद बैंक के फर्श पर पड़े होने और उनके पास ही आरोपी गार्ड के टहलने का वीडियो फेसबुक समेत अन्य सोशल मीडिया पर शुक्रवार से ही काफी तेजी से वायरल हो रहा है। अब तक लाखों लोग इस वीडियो को देख चुके हैं। लोग इन वीडियो पर कमेंट करके बैंक प्रबंधन की संवेदनहीनता पर सवाल उठा रहे हैं।
पूरे मंडल के रेलकर्मियों में आक्रोश
मुकेश ने बताया कि इस घटना को लेकर मुरादाबाद से रेलवे यूनियन के पदाधिकारियों ने उन्हें फोन करके घटना की जानकारी ली है। सभी लोग बैंक प्रबंधन को लेकर गुस्से में हैं। भाई की हालत में सुधार होने के बाद उनके साथी भी इस मामले में अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर मुलाकात करेंगे।