बरेली। नवाबगंज के ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (बीपीएम) पर नवाबगंज की करीब दर्जन भर आशा वर्करों ने अश्लीलता और भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय से जांच के निर्देश देते हुए सात दिन के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। डीएम ने जांच की जिम्मेदारी सीएमओ के सुपुर्द कर दी है। ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर के जांच में दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ की गई कार्रवाई से भी मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराना होगा।
आशा वर्करों ने मुख्यमंत्री के नाम भेजे ज्ञापन में आरोप लगाया था कि बीपीएम से मानदेय बढ़ाए जाने की मांग करने पर वह अपनी इच्छा पूरी करने की बात कहता है। उनके साथ फ्लाइंग किस जैसे इशारे करने की अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया है। आशा वर्करों का कहना है कि बीपीएम जननी सुरक्षा योजना का लाभ लाभार्थी को देने के लिए प्रत्येक से आठ सौ रुपये और जन्म प्रमाण पत्र के लिए पांच सौ रुपये की वसूली करता है। यह पैसा न देने पर लाभ का रुपया जारी नहीं करता। इसके अलावा उसने फाइलेरिया कार्यक्रम के लिए जारी सात लाख रुपये का भी एक डॉक्टर से मिलीभगत कर गोलमाल किया है। वह खुद को मुख्यमंत्री के करीबी का रिश्तेदार बताकर दवाब बनाता है। इसकी लगातार शिकायत करने पर भी अफसर उसकी पहुंच ऊपर तक बताकर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। आशाओं ने मुख्यमंत्री से बीपीएम पर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से हुई शिकायत शासन ने 15 जून को अपर आयुक्त को प्रेषित की थी। जिसे अपर आयुक्त प्रशासन अरुण कुमार ने डीएम नितीश कुमार को भेजा था। डीएम ने सीएमओ को प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की रिपोर्ट से अवगत कराने को कहा है।