वीडियो सामने आने पर एसएसपी हुए सख्त, रिश्वत देने वालों को भी एफआईआर में आरोपी बनाया
बरेली। शाही थाने में दर्ज एक मुकदमे में चार्जशीट लगाने के नाम पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद एसएसपी ने दरोगा व दीवान के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवा दी। साथ ही दोनों को निलंबित भी कर दिया। इतना ही नहीं रिश्वत देने वालों को भी आरोपी बनाया गया है।
शाही थाना क्षेत्र की एक लड़की कुछ समय पहले दूसरे समुदाय के युवक के साथ चली गई थी। लड़की के पिता ने लड़के के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने दोनों को बरामद कर लिया। अदालत में लड़की ने प्रेमी के पक्ष में बयान देते हुए कहा कि वह अपनी मर्जी से गई थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में फाइनल रिपोर्ट लगाकर मुकदमा खत्म कर दिया। वहीं कुछ दिन लड़की की छोटी बहन की तरफ से युवक के खिलाफ छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज करा दिया गया। पता चलते ही लड़के के पक्ष में कुछ संगठन सामने आए और विरोध जताया। पुलिस ने भी अपनी जांच में मामला झूठा पाया और छेड़छाड़ के इस मुकदमे में भी फाइनल रिपोर्ट लगा दी। लड़की का पिता किसी भी तरह से लड़के को फंसाना चाहता था। वीडियो में वह थाने में दरोगा और दीवान से चार्जशीट लगाने की बात कह रहा है। इसमें पुलिस की ओर से 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है।
सोमवार को रिश्वतकांड का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस विभाग में खलबली मच गई। मंगलवार को एसएसपी ने भी इस मामले का संज्ञान लेते हुए दरोगा और दीवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद शाही थाने के एसओ वीरेन्द्र सिंह राणा की तरफ से दरोगा हरीदास वर्मा और दीवान मोहम्मद नाजिम के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। इसमें रिश्वत देने वाले लड़की के पिता, उसके साथ खड़े युवक और वीडियो बनाने वाले युवक को भी आरोपी बनाया गया है।
रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध है। लिहाजा दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दरोगा व दीवान को निलंबित कर दिया गया है। -रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी