फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

हार या जीत जिंदगी का हिस्सा हैं, जिंदगी नहीं

बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 28 Jan 2020 02:56 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
जया किशोरी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
प्रेसवार्ता में जया किशोरी ने कहा, बच्चों को धार्मिक कथाएं सुनाएं, तभी तो उनमें सात्विक संस्कार आएंगे
बरेली। कथा वाचक जया किशोरी ने कहा कि वर्तमान में बच्चों को भगवान राम, श्रीकृष्ण और अन्य धार्मिक कथाओं का ज्ञान नहीं है। माता-पिता को चाहिए कि वह अपने बच्चों को कथाओं के बारे में बताएं, तभी तो उनमें सात्विक संस्कार आएंगे।
विज्ञापन

जया किशोरी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
प्रेसवार्ता में जया किशोरी ने कहा, बच्चों को धार्मिक कथाएं सुनाएं, तभी तो उनमें सात्विक संस्कार आएंगे
बरेली। कथा वाचक जया किशोरी ने कहा कि वर्तमान में बच्चों को भगवान राम, श्रीकृष्ण और अन्य धार्मिक कथाओं का ज्ञान नहीं है। माता-पिता को चाहिए कि वह अपने बच्चों को कथाओं के बारे में बताएं, तभी तो उनमें सात्विक संस्कार आएंगे।

जया किशोरी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
राधारानी सेवा ट्रस्ट की कत्था फैक्ट्री में हुई प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा से जीवन बदलता है, लेकिन परिवर्तन एक दिन में नहीं होता। रात में सोते समय बच्चों को भगवान की कथाएं सुनाई जाएंगी तभी तो उनमें सात्विक संस्कार पनपेंगे।

जया किशोरी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
कथावाचकों के प्रति बढ़ते अविश्वास के जवाब में उन्होंने कहा कि एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है। एक-दो चमत्कार देखकर गुरु न बनाएं। सच्चा और अच्छा गुरु वही है जो भक्त को खुद से नहीं, बल्कि ईश्वर से जोड़े। जब-जब हमने इंसान को भगवान की उपाधि दी, तब-तब गलत हुआ। आध्यात्म के लिए जरूरी नहीं कि आप अपना घर छोड़कर किसी आश्रम में रहें।

जया किशोरी की कथा में मां काली के एक भाव का मंचन करती कलाकार। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
युवाओं के मेक इन इंडिया या अध्यात्म से जुड़ने के सवाल पर कहा कि मैं युवाओं को मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाने का काम कर रही हूं। भगवान से जुड़ने के बाद व्यक्ति में मुश्किलों से लड़ने की ताकत बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि वह अब कथा के साथ मोटिवेशनल स्पीकिंग सेशन भी युवाओं के बीच कराएंगी। कहा, युवाओं में तनाव अवसाद जैसे मामले बढ़ रहे हैं।

जया किशोरी की कथा में मौजूद श्रोता। - फोटो : अमर उजाला, बरेली
उन्होंने युवाओं से कहा, हार या जीत जिंदगी का हिस्सा है, पर जिंदगी नहीं। किसी भी मसले को लेकर युवाओं को निराश नहीं होना चाहिये। हर व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव आते हैं। ईश्वर पर विश्वास रखने वाले कठिन वक्त से आसानी से उबर जाते हैं। एनआरसी के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि देश बनाने के लिए जो अच्छा हो किया जाए, किसी भी नए कदम में थोड़ी परेशानी तो आती ही है। प्रेसवार्ता में हिमांशु मिश्रा, प्रवीण गोयल, अमित भारद्वाज, पंकज अग्रवाल, अश्वनी अग्रवाल आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next