बरेली। उर्स-ए-वासिल तीसरे रोज शबाब पर रहा। दिन भर अकीदतमंदों के हाजिरी और नियाज नजर करने का सिलसिला चलता रहा। इस बीच चादरों की जुलूस भी पहलवाल साहब की दरगाह पर पहुंचा।
हजरत शाह वासिल उर्फ पहलवान साहब का चार रोजा उर्स इन दिनों नावल्टी स्थित खानकाह वासलिया पर चल रहा है। सोमवार को उर्स की तकरीब सुबह कुरान ख्वानी से शुरू हुई। दोपहर में नोमान रजा खां के मलूकपुर स्थित निवास से चादरों को बड़ा जुलूस दरगाह शरीफ पहुंचा। शाम को सज्जादानशीन फरहान रजा खां ने मजार शरीफ पर संदल पेश किया और चादरपोशी की। रात को इस्लामी सवाल जवाब का मुकाबला हुआ। इसमें सही जवाब देने वालों को इनामों से नवाजा गया। उलमा की तकरीर के बाद 1:40 बजे मुफ्ती आजम हिंद हजरत मुस्तफा रजा खां का कुल शरीफ हुआ।
इस मौके पर तकरीब की सरपरस्ती नबीरे आला हजरत मौलाना तौकीर रजा खां और सदारत मुफ्ती फुरकान रजा नूरी की रही। प्रबंधक डॉ. नफीस खां की निगरानी में हुए कार्यक्रम का संचालन शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने किया। सचिव डॉ. मोहम्मद नोमान खान ने शुक्रिया अदा किया। आयोजन में मोहम्मद शफी, इमरान खान, नोमान रजा खान, शहजात पठान नियाजी, वासिफ यार खां, आर्यन रजा खां, निजाम कुरैशी आदि का सहयोग रहा। हजरत पहलवान साहब के कुल शरीफ की रस्म मंगलवार को दिन में 11:40 बजे अदा की जाएगी।