आस्ताने आलिया मोहम्मदिया में मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी
बरेली। आस्ताने आलिया मोहम्मदिया (दरगाह वली मियां) में जश्ने ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। इसमें तरही नातिया मुशायरे में देश के मशहूर शोअरा ने कलाम पेश किया।
जश्न की शुरुआत हाफिज मोहम्मद हसन ने कुरान पाक की तिलावत से की। नाजिमे मुशायरा खालिद नदीम बदायूंनी ने, ‘हो चश्मे या शाहे उमम दुनिया की तो अब्तर हालत है...’ शेर के साथ शोअरा को कलाम पढ़ने की दावत दी। सदारत करते हुए दरगाह के सज्जादानशीन अल्हाज अनवर मियां ने पढ़ा कि ‘जब तूरा जन्मदिन आवत है, हर मन की कली खिल जावत है..। तोरे गीत भी मन की गलियन में, मन आंगन में यही गुंजत है’, इस शेर पर पूरी खानकाह नारों से गूंज उठी। इसके अलावा मंसूर देहलवी, डॉ. अम्न, शाद पीलीभीती, आसिम काशीपुरी, अब्दुल रऊफ नश्तर, सादिक अलापुरी, हाजी सईद, डा. नईम शबाब कासगजवीं, डा. सरवत परवेज सहसवानी आदि ने कलाम पेश किए। इसमें बाहरी जायरीन के अलावा सैय्यद नाजिर अली (चांद), आरिफ उल्लाह, मोहम्मद उस्मान, ताहिर जमाल, गिजाल सिद्दीकी, इफ्तेखार हुसैन, मोहसिन खान आदि मौजूद रहे।