सोमवार को कमिश्नर ने बुलाई समीक्षा बैठक
बरेली। लाल फाटक ओवरब्रिज पर धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्य पर कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने नाराजगी जताई है। उन्होंने सोमवार को समीक्षा के लिए सेतु निगम और रेलवे के अधिकारियों की बैठक बुलाई है।
लाल फाटक ओवरब्रिज निर्माण के लिए रक्षा मंत्रालय की एनओसी का पेच लंबे समय से फंसा है। लाल फाटक ओवरब्रिज पर सेतु निगम कैंट की ओर व बदायूं मार्ग की तरफ काम पूरा कर चुका है। अब यहां रेलवे के हिस्से का काम बाकी है। रेलवे को अपने हिस्से के पांच पिलर तैयार करने हैं मगर पिछले महीने पिलर का गड्ढा खोदने के अलावा यहां कोई काम नहीं हुआ है। इस पर कमिश्नर ने नाराजगी जताते हुए सेतु निगम और रेलवे के अधिकारियों को तलब कर रिपोर्ट मांगी है। कमिश्नर रणवीर प्रसाद ने बताया कि काम धीमी गति से हो रहा है। रेलवे-सेतु निगम के अधिकारियों को बुलाया है।
लालफाटक ओवरब्रिज के लिए सेतु निगम को कैंट एरिया में करीब 6500 वर्गमीटर भूमि की जरूरत है। सर्वे रिपोर्ट में करीब 4500 वर्गमीटर जमीन कैंट बोर्ड और बाकी 2000 वर्गमीटर जमीन सेना की मिली थी। इस भूमि के मूल्य के बराबर दूसरी जगह जमीन बोर्ड और सेना को देने पर रजामंदी बन चुकी है। हालांकि सेना से अभी तक अनुमति नहीं मिली है।
मार्च 2020 में पूरा होना था काम
2017 में शुरू हुए ओवरब्रिज को मार्च 2020 में पूरा कर लेना था। 955 मीटर लंबे इस पुल के लिए 2017 में 82.50 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। अब पुल के बजट को बढ़ाकर शासन ने 96.67 करोड़ रुपये करना पड़ा।