नायब तहसीलदार ने बताया कि विपक्षी हरीश कुमार के खेत में लगी गेहूं और आलू की फसल को उसने बटाई पर दे रखा है। इसलिए फसल उत्पादन का आधा हिस्सा बटाईदार को मिलेगा और शेष हिस्सा सरकारी खजाने में जमा होगा। इस कार्रवाई में कानूनगो रविकांत, लेखपाल सेामपाल पटेल, संग्रह अमीन प्रेमराज भी थे।
भुगतान से बचने के लिए मां के नाम दान कर दी जमीन
न्यायालय के आदेश के मुताबिक, पीड़िता ने न्यायालय को बताया था कि विपक्षी हरीश कुमार ने अपनी संपूर्ण अचल संपत्ति जानबूझकर 19 जनवरी 2024 को अपनी मां मुन्नी देवी के नाम दानपत्र के तहत बैनामा कर दिया है। जिससे न्यायालय के आदेश से उसकी जमीन की कुर्की न हो सके। ऐसे में न्यायालय संबंधित दानपत्र निष्प्रभावी घोषित किया है। डीएम को निर्देश दिए हैं कि कार्रवाई से बचने मात्र के उद्देश्य से किया गया दानपत्र को निष्प्रभावी मानते हुए अपने स्तर से संबंधित कृषि भूमि में से देय भरण-पोषण भत्ता की धनराशि की सीमा तक विपक्षी के अंश को कुर्क व नीलामी कराएं।