24 घंटे में कब कितनी हुई बारिश
साल 2011 में 25 सितंबर को 123.2 मिमी., 2012 में 18 सितंबर को 90.8, 2013 में 26 सितंबर को 48.6, 2014 में 21 सितंबर को 38.9, 2015 में 21 सितंबर को 63.0, 2016 में 22 सितंबर को 71.0, 2017 में 22 सितंबर को 49.1, 2018 में 25 सितंबर को 55.4, 2019 में 22 सितंबर को 42.9, 2020 में 23 सितंबर को 52.0, साल 2021 में 24 सितंबर को 78.6, 2022 में 19 सितंबर को 88.1 मिमी. बारिश हुई।
खेतों में बिछी धान की फसल
कड़ी मेहनत से तैयार धान की फसल के लिए रविवार को हुई बारिश मुसीबत बन गई। नवाबगंज और शाही क्षेत्र में तेज हवा के साथ हुई बारिश से सैकड़ों एकड़ फसल खेतों में बिछ गई। पानी भरने से अब फसल सड़ने की आशंका है। जिन खेतों में बालियां निकल आईं हैं वहां दाना काला पड़ जाएगा।
ज्वार, बाजरा, सफेद तिल, उड़द की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश थमने के बाद दोपहर के समय किसान फसलें देखने पहुंचे। हालात देखकर उनके चेहरे मुरझा गए। किसान हरीश कुमार, कृष्णपाल, तेजपाल, कांताप्रसाद ने बताया कि बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान अगेती फसल को हुआ है। इन खेतों में बालियां निकल आईं थी। इस वजह से लाक की लंबाई भी ज्यादा थी। तेज हवा के साथ बारिश होने से पूरी फसल खेतों में बिछ गई। खेत में पानी भी भरा हुआ है। ऐसे में लाक सड़ जाएगा।