नेता विरोधी दल का कहना था कि मुलाकात के दौरान एनओसी के संबंध में जिलाधिकारी ने टेंपरेरी एनओसी दिए जाने की बात कही है। तीनों अधिकारियों को प्रतिनिधि मंडल की ओर से पत्र दिया गया है। इसमें पंप ध्वस्त करने से पहले नोटिस न देने, पंप ध्वस्त करने के जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई और दूसरे पंप किसके संरक्षण में चल रहे हैं, उनके खिलाफ की गई कार्रवाई आदि सवालों पर रिपोर्ट देने को कहा गया है।
हजारों नोटिस जारी हुए, कार्रवाई क्यों नहीं हुई
डॉ. संजय लाठर ने प्रेसवार्ता में बताया कि प्रकरण के संबंध में स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनसे कानून व्यवस्था की जानकारी ली गई। मौके का मुआयना किया। पता चला कि बरेली में बीडीए की तानाशाही चल रही है। अब तक हजारों लोगों को नोटिस देकर उनसे रिश्वतखोरी की गई है। 195 अवैध कॉलोनी का निर्माण बीडीए अफसरों ने रिश्वत लेकर करा दिया है। 80 फीसदी पेट्रोल पंपों की कंपाउंडिंग, नक्शे पास और अन्य कार्रवाई नहीं हुई है। बीजेपी नेताओं के पंप, नर्सिंग होम, यूनिवर्सिटी आदि संस्थान और प्रतिष्ठान बगैर कंपाउंडिंग, बगैर नक्शे और अवैध तरीके से बीडीए के संरक्षण में चल रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही।
भाजपा नेता के पंप को किया सील, तोड़ा क्यों नहीं
नेता विरोधी दल का कहना था कि विधायक शहजिल इस्लाम के पंप से तीन किलोमीटर आगे एक भाजपा नेता के पंप पर तमाम खामियां हैं पर उसे तोड़ा नहीं गया। सिर्फ सील किया गया है। अब सपा नेता खुद और स्वतंत्र एजेंसी से भाजपा नेताओं के कितने प्रतिष्ठान हैं, जिन्होंने एनओसी नहीं ली है, लैंडयूज चेंज नहीं कराया है, कंपाउंडिंग नहीं कराई पर निर्माण करा लिया, इसकी जांच कराएंगे। रिपोर्ट को विधानसभा, संसद तक लेकर जाएंगे और विधायी ताकत का प्रयोग क र उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे। कहा, सरकार आतंक फैलाना चाहती है, ताकि विपक्ष सवाल न उठाए।
शहजिल इस्लाम से नहीं हो सकी मुलाकात
विधायक शहजिल से मुलाकात के सवाल पर डॉ. संजय ने बताया कि शहर से बाहर होने के चलते उनसे मुलाकात नहीं हुई पर फोन पर प्रकरण के संबंध में सारी बातचीत हुई है। जांच टीम में नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद संजय लाठर के अलावा पूर्व मंत्री ओंकार सिंह यादव, पूर्व मंत्री एवं विधायक कमाल अख्तर, पूर्व सांसद प्रवीण सिंह ऐरन, पूर्व मंत्री भगवत सरन गंगवार, पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव, पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजपाल कश्यप, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह, पूर्व मेयर डॉ. आईएस तोमर, पूर्व विधायक सुल्तान बेग, सपा जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप, महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी शामिल रहे।