बरेली। माॅडल टाउन में बेतरतीब खोदाई की जा रही है। मलबा सड़क पर डाला जा रहा है। वाहनों के गुजरने पर वहां धूल का गुबार उठता है। पानी का छिड़काव कागजों पर हो रहा है। धूल से कई महिलाएं बीमार हो चुकीं हैं। वहां से गुजरने वाले लोग रुमाल से नाक-मुंह बंद करके निकलते हैं। मौके की पड़ताल में यह हकीकत सामने आई।
सीएम ग्रिड योजना के तहत 46 करोड़ रुपये की लागत से मॉडल टाउन की सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था ने नियमों को दरकिनार कर बेतरतीब तरीके से खोदाई की और मलबा सड़क पर डाल दिया। इससे आवागमन में मुश्किल हो रही है। अब वहां उठ रहे धूल के गुबार से लोगों को परेशानी हो रही है। दिन में दो बार पानी का छिड़काव करके और रास्ते से मलबा हटाकर लोगों को राहत दी जा सकती है, लेकिन न तो अधिकारी इस पर ध्यान दे रहे हैं, न ही कार्यदायी संस्था। इसलिए 50 हजार से ज्यादा लोग डेढ़ महीने से तकलीफ झेल रहे हैं।
डेढ़ माह से झेल रहे परेशानी
डेढ़ महीने से यह परेशानी झेल रहे हैं। सुरक्षित निकलना भी दुश्वार हो गया है। उड़ती धूल से गले में खराश हो रही है। - कुलजीत वासु, माॅडल टाउन
उड़ती धूल ने सेहत पर असर डाला है। लोग बीमार हो रहे हैं। पानी का छिड़काव कभी-कभी कर खानापूरी की जा रही है। - कुसुम शुक्ला, माॅडल टाउन
वर्जन
पानी के छिड़काव की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था की है। अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो इसे दिखवाएंगे। नागरिकों को कोई दिक्कत नहीं होने देंगे। - संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त