रामायण के प्रसंगों का हुआ मंचन
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विभिन्न प्रतियोगिताएं हुईं
इससे पहले उत्कर्ष ललित कला अकादमी और डॉ. राजेंद्र सिंह पुंडीर के संयोजन में जूनियर व सीनियर वर्ग में चित्रकला, रंगोली प्रतियोगिता हुई। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला शुरू हुई। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने आईएमए परिवर को श्री राममय कर दिया। बरेली की नव ज्योति नाट्य संस्था, लखनऊ की संस्कृति एवं कला केंद्र, प्रयागरज के पंडित विजय चंद्र, बरेली के रंग विनायक रंग मंडल, अनुश्रुति संगीत महाविद्यालय, लखनऊ की अंशिका त्यागी, मंगेशलता ने विशेष प्रस्तुतियां दीं। आजमगढ़ के अभिषेक पंडित की नाट्य प्रस्तुति खूब सराही गई।
श्री राम और भरत मिलाप पर विचार गोष्ठी ‘राम कथा में भ्रातृ प्रेम’ विषय विचार गोष्ठी पर डॉ. पूर्णिमा अनिल, डॉ. सुनील मानव, डॉ. कविता अरोरा ने अपने विचार साझा किए। मंच पर हनुमान जी द्वारा प्रभु श्री राम का गुणगान की नृत्य प्रस्तुति, रामकथा पर व्याख्यान, भगवान राम स्तुति, शास्त्रीय संगीत और मंगलध्वनि, अवधी लोक गीत, धनुष यज्ञ प्रसंग, श्री राम आधारित नृत्य संरचना, शिव धनुष प्रसंग पर नाट्य प्रस्तुतियों ने मन मोह लिया।
प्रतियोगिताओं के विजेता
रंगोली में सरस्वती विद्या मंदिर की सौम्या प्रथम, जयनारायण कॉलेज के मयंक चौधरी दूसरे, कांति कपूर की कीर्ति तीसरे स्थान पर रहीं। चित्रकला जूनियर वर्ग में हार्टमन स्कूल के निपुण सिंह प्रथम, आर्मी पब्लिक स्कूल के अनंत कुमार दूसरे और सोहना अख्तर तीसरे स्थान पर, सीनियर वर्ग में जयनारायण कॉलेज के सूर्यांश सिंह प्रथम, आर्मी पब्लिक स्कूल की खुशी मेहर दूसरे, जयनारायण के वैभव सागर तीसरे स्थान पर रहे। सभी विजेताओं समेेत सांत्वना पुरस्कार में दर्ज प्रतिभागियों को अतिथियों ने पुरस्कार प्रदान किए।