जमीन न होने के बाद भी करता रहा बैनामे
राजीव ने रिपोर्ट में दर्ज कराया कि कढ़े की जमीन शेष न होने के बाद भी उसने जमीन का फर्जी बैनामा जोगी नवादा निवासी मुन्नालाल के नाम कर दिया। इसके बाद इसी जमीन का फर्जी बैनामा फाल्तूनगंज निवासी राजेश कुमार व तुलापुर के सोमपाल को कर दिया। तीसरी बार 845.55 वर्ग गज जमीन का बैनामा कढ़े ने वीएस गंगवार, आनंद राठौर, मंसूर आलम को करा दिया। चौथी बार इसी जमीन को बेचा गया। राजेश कुमार ने फर्जी दस्तावेज के जरिये 25 जुलाई 2022 को प्लॉट का बैनामा आदित्य उपाध्याय के नाम कर दिया। इसी दिन राजेश ने एक बैनामा अभिराज उपाध्याय के नाम किया।
गिरोह बनाकर फर्जी बैनामा कराने का आरोप
राजीव ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने एक गिरोह बना लिया है जो फर्जी बैनामे अपने नाम कराते हैं। पुलिस से शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। न्यायालय के आदेश पर आदित्य उपाध्याय, अभिराज उपाध्याय, आकाश उपाध्याय, मन्नू शर्मा, राजेश कुमार, देव राना, अनुज मिश्रा, रोहित शर्मा, शुभ अजमेरा, रोशनलाल, हरिशंकर, मान सिंह, सूरज व अनुज के खिलाफ बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
दस दिन पहले हुए रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश
राजीव राना का कहना है कि उसने पुलिस से फर्जी बैनामा मामले में कार्रवाई कराने की शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तब राजीव ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने 14 फरवरी को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश पुलिस को दिए थे, लेकिन किसी कारणवश रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी। दस दिन बीतने के बाद राजीव के अधिवक्ता हनीफ सिद्दीकी और संजीव शर्मा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। न्यायालय के आदेश पर बारादरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। बारादरी थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि विवेचना शुरू कर दी गई है।