बरेली। दो दिन बाद शनिवार को फिर से पहाड़ों से आए बादलों ने लोगों को भिगोने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी। दिनभर हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा। वहीं, मौसम विभाग की ओर से जारी बुलेटिन में रविवार को भी दिन भर बारिश के आसार जताए हैं। कृषि विशेषज्ञ ने बारिश को फसलों के लिए लाभदायक बताया है।
आईवीआरआई कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक रंजीत सिंह के मुताबिक, तेज बारिश फसलों के लिए हानिकारक होती है। शनिवार को दिन भर हल्की और मध्यम बारिश का दौर रुक-रुककर जारी रहा। अनुमान के अनुसार पांच एमएम हुई। बारिश गन्ना, सरसों, गेहूं, मटर, अमरूद के लिए लाभदायक है। आम के पेड़ों पर बौर लगने लगे हैं, इसलिए फसल पर कीटनाशक दवा का छिड़काव जरूरी है। आलू की फसल में अगर पानी भरा है तो तत्काल निकासी कर लें और धूप खिलने पर फफूंदीनाशक का स्प्रे किसान जरूर करवा लें। अगर पानी निकासी की व्यवस्था नहीं है तो खेत में ही मेड़ अथवा गड्ढा बनाकर उसमें पानी भर दें।
उन्होंने बताया कि बारिश के चलते अब खेतों में सिंचाई की कुछ दिन तक जरूरत नहीं है। वहीं, आगे भी अगर बारिश होगी तो किसानों के लिए आर्थिक नजरिए से और बेहतर होगा। बारिश का पानी फसलों के लिए सिंचाई से ज्यादा बेहतर होता है। किसानों को खेत में पानी न भरने देने का सुझाव दिया है।
दो दिन तक मंडराते रहेंगे बादल
आंचलिक मौसम अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. जेपी गुप्ता के अनुसार, शनिवार को अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम 16.5 डिग्री और न्यूनतम पांच डिग्री अधिक 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। नमी 97 फीसदी रही। बताया कि पहाड़ों से मैदान में प्रवेश कर रही हवा अपने साथ बादलों को ला रही है। सोमवार दोपहर से मौसम का मिजाज बदलेगा। हवाओं की दिशा बदलने से बादलों का जमावड़ा समाप्त होगा।
ताकि बीमारियों से रहें दूर
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राहुल बाजपेई के मुताबिक बारिश में भीगने से सर्दी, जुकाम, बुखार के साथ सिर में तेज दर्द, निमोनिया की आशंका रहती है। कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों और बुजुर्गों को अधिक सतर्कता बरतनी चाहिए। पूरी आस्तीन के गर्म कपड़े पहनें। बाहर की खाद्य सामग्री, ठंडे पदार्थों का सेवन न करें। सर्द मौसम में घरों से बाहर न निकलें और मास्क के साथ कोविड के नियम का पालन करें।