ट्रेन से कासगंज जाने के लिए यात्रियों को अभी और इंतजार करना होगा। सीआरएएस ने एक और दो जून को निरीक्षण के दौरान कासगंज के निकट रेलवे ट्रैक के बराबर से जा रही हाईटेंशन लाइन को ट्रेन संचालन की दृष्टि से असुरक्षित बताया है। उन्होंने लाइन शिफ्ट करने की सिफारिश की है, हालांकि उनके दौरे की विस्तृत रिपोर्ट डीआरएम को नहीं मिली है। इस टिप्पणी के बाद पहले यूपी विद्युत कॉरपोरेशन की लाइन शिफ्ट करनी होगी, उसी के बाद ट्रेन संचालन होगा।
पूर्वोत्तर रेलवे ने सीआरएस निरीक्षण के बाद बरेली से कासगंज के बीच 10 जून से ट्रेनों के संचालन का फैसला लिया था। पिछले माह रेल राज्यमंत्री ने बरेली दौरे के समय भी घोषणा की थी कि जून के दूसरे सप्ताह तक ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन सीआरएस की इस टिप्पणी से अब इस ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन टलने की आशंका जताई जा रही है।
दूसरी ओर डीआरएम चंद्र मोहन जिंदल का कहना है कि लिखित में रिपोर्ट आने का इंतजार है। फिर भी कासगंज के निकट हाईटेंशन लाइन को शिफ्ट कराने के लिए हाईडिल के चीफ इंजीनियर से बातचीत की प्रक्रिया रेलवे बोर्ड की ओर से शुरू कर दी गई है। उनका कहना है कि कुछ शर्तों के तहत सीआरएस ट्रैक पर यात्री ट्रेनों के संचालन की अनुमति लाइन शिफ्ट करने से पहले दे सकते हैं। रेल प्रशासन की तैयारी पूरी है। इस समय ट्रैक पर मालगाड़ी का संचालन जारी है। सभी स्टेशनों पर स्टाफ भी पूरा तैनात कर दिया गया है।