जंक्शन पर टिकट बुकिंग कराते लोग
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ट्रेनों की लेटलतीफी के लिए बदनाम रेलवे डिजिटल प्लेटफार्म पर रफ्तार भर रहा है। पार्सल व टिकट बुकिंग काउंटर तक 90 फीसदी भुगतान ऑनलाइन हो रहे हैं। बरेली जंक्शन पर एक ऑनलाइन विंडो भी खोल दी गई है। सामान्य टिकट के लिए छह ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनों के अलावा यूटीएस सेवा भी उपलब्ध है। दो टिकट विंडो पर यूपीआई से भुगतान की सुविधा भी शुरू की गई है।
पिछले साल ही बरेली जंक्शन को एनएसजी-2 श्रेणी में शामिल किया गया था। राजस्व के मामले में प्रदेश के शीर्ष 15 रेलवे स्टेशनों में बरेली जंक्शन 13 वें स्थान पर है। 2023-24 में बरेली जंक्शन से आरक्षित और अनारक्षित टिकटों पर 56.27 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी।
2022-23 के मुकाबले 2023-24 में ऑनलाइन भुगतान में 60 फीसदी से ज्यादा का इजाफा हुआ। इस वर्ष यह आंकड़ा 90 फीसदी तक पहुंच चुका है। पार्सल और टिकट बुकिंग समेत अन्य सुविधाएं ही नहीं बल्कि प्लेटफार्मों पर स्थित खान-पान की सामग्री के स्टॉल पर भी 70 फीसदी से ज्यादा भुगतान ऑनलाइन हो रहा है।
यूटीएस मोबाइल एप और जंक्शन पर लगे क्यूआर कोड के जरिये टिकट बुकिंग व भुगतान का आंकड़ा रोजाना दो हजार के पार पहुंच गया है। एक्स समेत अन्य सोशल मीडिया माध्यमों के जरिये मिलने वाली शिकायतों के निस्तारण में भी तेजी आई है। सबसे ज्यादा शिकायतें ट्रेनों की लेटलतीफी को लेकर हैं।
मुख्य वाणिज्य निरीक्षक इमरान ने बताया कि ऑनलाइन सेवाओं से समय की काफी बचत हो रही है। टिकट विंडों पर लाइन भी नहीं लग रहीं। पार्सल सेवा पूरी तरह से ऑनलाइन हो चुकी है। टिकट बुकिंग समेत अन्य लेनदेन भी 90 फीसदी तक ऑनलाइन हो रहे हैं।