बरेली। मीरगंज तहसील क्षेत्र के रहपुरा जागीर गांव में 45 साल से चकबंदी चल रही है। शनिवार को गांव के किसान सदर तहसील स्थित चकबंदी अधिकारी कार्यालय में तलब किए गए।
रहपुरा जागीर में वर्ष 1980 में चकबंदी शुरू हुई थी, अब तक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। किसानों के साथ कार्यालय पहुंचे मौजूदा प्रधान गयाश्री के पति गंगा चरन ने बताया कि चकबंदी अधिकारी की तरफ से उन लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। किसान राजेश, चंद्रसेन, सोमपाल, वीरपाल, जगन्नाथ ने बताया कि चकबंदी अधिकारी के सामने उपस्थित होकर अपने-अपने चक पर अधिकार और दायित्व, संयुक्त जोतों का विभाजन, गाटों, पेड़ों, कुआं आदि के मूल्य के संबंध में जानकारी दी है।
वहीं, कानूनगो चकबंदी हरेंद्र यादव ने बताया कि सभी 30 संदर्भों में चकों का मूल्यांकन, कमीबेसी और नंबरों के चकों में फंसने न फंसने एवं चकमार्ग या रास्ते की मांग आदि को सुना गया है। गांव की चकबंदी के उपरांत जमीनों के अंतिम अभिलेख तैयार करने में गाटों का दोहराव न रहे, इसे भी किसानों से जांच लिया गया है।चकबंदी अधिकारी श्याम नरायन अग्निहोत्री ने बताया कि प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। अब अंतिम अभिलेख बनाने की तैयारी चल रही है। संवाद