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सैनिटाइजर टनल में घातक रसायनों के प्रयोग पर उठे सवाल, लगाई रोक

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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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सोडियम हाइपोक्लोराइड,आइसोप्रोपाइल एल्कोहल,माइक्रॉनडी 256जैसे रसायन का होना है प्रयोग
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थाना, सरकारी कार्यालय और अफसरों के आवास समेत अन्य जगहों परलगाए जा रहे सैनिटाइजर टनल
बरेली। कोरोना योद्धाओं को सैनिटाइज कर संक्रमण से बचाने के लिए इस्तेमाल की जा रही सैनिटाइजर टनल का प्रयोग शुरुआत में ही फेल हो गया है। डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से आगाह किया गया है कि इन सैनिटाइजर टनल में जो केमिकल इस्तेमाल किया जा रहा है, वह कोरोना से तो बचाने में सक्षम नहीं है उल्टे कैंसर जैसी कई घातक बीमारियों का शिकार बना सकता है। इस बात पर हैरानी जताई गई है कि परीक्षण और स्वीकृति के बगैर इस टनल का इस्तेमाल कैसे शुरू कर दिया गया। इस चेतावनी के बाद शहर में हाल ही में कई जगह लगाई गई सैनिटाइजर टनल को बंद करा दिया गया है।
सैनिटाइजर टनल कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए हालांकि इससे पहले देश के कई दूसरे शहरों में लगाई जा चुकी हैं। हाल ही में बरेली में भी ऐसी ही सैनिटाइजेशन यूनिट लगाने की पिछले दिनों शुरुआत हुई। पिछले एक हफ्ते के दौरान थाना प्रेमनगर, परसाखेड़ा के एक पेट्रोल पंप और आईवीआरआई में यह यूनिट लगाई जा चुकी है। हाल ही में डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी के रिसोर्स परसन एसके सूरी ने इस टनल में सैनिटाइजेशन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे केमिकल के बारे में जानकारी ली। पता चला कि अलग-अलग जगहों पर लगी टनल में अलग-अलग केमिकल प्रयोग किए जा रहे हैं। बरेली में मुख्यत: इसमें सोडियम हाइपोक्लोराइड, आइसोप्रोपाइल एल्कोहल, माइक्रॉनडी 256 जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया जा रहा था।
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डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी की ओर से इन रसायनों की प्रकृति और इंसानों पर उसके प्रभाव के बारे में आईडीएसपी सेल से रिपोर्ट मांगी। यह रिपोर्ट आते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। पता चला कि जो सैनिटाइजर टनल में जो केमिकल इस्तेमाल किए जा रहे हैं, उनके शरीर के संपर्क में सीधे आने से घातक नतीजे सामने आ सकते हैं। लगातार इस टनल से गुजरने वाले लोग स्किन कैंसर का शिकार भी हो सकते हैं। डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट कमेटी के रिसोर्स परसन एसके सूरी ने बताया कि आईडीएसपी सेल की रिपोर्ट आते ही उन्होंने थाना प्रेमनगर में लगाई गई सैनिटाइजर टनल को बंद करा दिया है। आईवीआरआई और परसाखेड़ा के पेट्रोल पंप पर लगाई टनल को बंद कराने के लिए मेयर और जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।

फर्श और दीवारों के कीटाणुमुक्त करने वाले रसायनों से इंसानों को कर रहे थे सैनिटाइज

ओटी टेक्निकलॉजिस्ट मोहम्मद असलम के मुताबिक सोडियम हाइपोक्लोराइड, आइसोप्रोपाइल एल्कोहल, माइक्रॉनडी 256 जैसे रसायन का सीधे शरीर के संपर्क में आने के घातक परिणाम हो सकते हैं। आमतौर पर इन रसायनों का इस्तेमाल फर्श और दीवारों को कीटाणुमुक्त बनाने के लिए किया जाता है। इसे सैनिटाइजर टनल के जरिये इंसानों के लिए प्रयोग करने से उनकी आंखों की रोशनी जाने का खतरा है, साथ ही त्वचा संबंधी गंभीर रोग भी हो सकते हैं। ये रसायन इंसानों पर तब भी प्रभाव छोड़ सकते हैं जब उनका शरीर कपड़ों से ढका हो या उन्होंने अपनी आंखें बंद कर रखी हों।

सोडियम हाइड्रोक्लोराइड से तो ऑपरेशन टेबल को संक्रमणमुक्त करते हैं डॉक्टर

आईएमए उपाध्यक्ष डॉ. विनोद पागरानी ने बताया कि सोडियम हाइड्रोक्लोराइड का छिड़काव निर्जीव वस्तुओं और दीवारों पर किया जाता है। इंसानों के लिए एंटीसेप्टिक का प्रयोग होना चाहिए। एंटीसेप्टिक्स और कीटाणुनाशक दोनों सूक्ष्मजीवों को मारते हैं हालांकि लोग दोनों के प्रयोग को लेकर लोग भ्रमित हैं। एंटीसेप्टिक्स को शरीर पर लगाया जाता है और कीटाणुनाशक को गैर जीवित सतहों जैसे काउंटरटॉप्स और हैंडल पर प्रयोग किया जाता है। जैसे एक डॉक्टर एक व्यक्ति के शरीर पर सर्जिकल साइट पर एंटीसेप्टिक लगाएगा और ऑपरेटिंग टेबल को संक्रमण रहित करने के लिए कीटाणुनाशक का उपयोग करेगा। उन्होंने सैनिटाइजर की जगह स्पिरिट का प्रयोग करने का सुझाव दिया है।
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रिपोर्ट आई तो चौंके..डीएम-एसएसपी समेत कई

अफसरों के बंगलों पर भी लगनी थी टनल

एसके सूरी ने बताया कि सैनिटाइजर टनल को सबसे पहले डीएम, एसएसपी कार्यालय, एडीएम कंपाउंड और दूसरे कुछ अफसरों के आवास पर भी लगाए जाने का प्रस्ताव था। टनल लगाने से पहले रसायनों के प्रभाव के बारे में स्वास्थ्य विभाग से जानकारी ली गई। जब पता चला कि ये रसायन शरीर पर घातक असर छोड़ सकते हैं तो अफसरों के बंगलों पर टनल लगाने से रोग दिया गया। अगर यह टनल बिना रसायनों का दुष्प्रभाव पता किए लगा दी जाती तो काफी घातक परिणाम हो सकते थे। एसके सूरी ने अपील की कि अगर किसी ने यह टनल घर या कार्यालय में लगाई है तो तत्काल उसे बंद कर दें। यह टनल कोरोना के संक्रमण से नहीं बचा सकती लेकिन गंभीर बीमारियों का शिकार जरूर बना देगी।

सोडियम हाइपोक्लोराइड से नहला दिया था बाहर से आए मजदूरों को

लॉकडाउन लागू होने के बाद जब दूसरे राज्यों और शहरों से बेघर और बेरोजगार होकर हजारों मजदूर घर लौट रहे थे, उसी दौरान शहर के सेटेलाइट चौराहे पर फायर ब्रिगेड और नगर निगम की टीम ने मजदूरों के एक बड़े जत्थे को सड़क पर बैठाकर सोडियम हाइपोक्लोराइड के ही घोल से नहला दिया गया था। इसके बाद सफाई में नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के अफसरों ने कहा था कि इस रसायन का शरीर पर कोई घातक असर नहीं होता लेकिन अब आईडीएसपी सेल की रिपोर्ट से साफ हो गया है कि मजदूरों के साथ बगैर कुछ सोचे-समझे कैसा खिलवाड़ किया गया था। हालांकि इस मामले में नगर निगम और फायर ब्रिगेड के कुछ कर्मचारियों को निलंबित भी कर दिया गया था।

आईवीआरआई: इतना बड़ा संस्थान लगवा ली डोनेशन में मिली टनल

एसके सूरी ने बताया कि परसाखेड़ा पेट्रोल पंप पर कंपनी ने ही टनल लगाई थी। थाना प्रेमनगर में पुलिस ने खुद जुगाड़ से बनी टनल लगवा ली। इसे परसाखेड़ा में टनल बनाने वाले ने उसी तकनीक के आधार पर बनाया, आईवीआरआई में मारिया फ्रोजन के एमडी हाजी शकील कुरैशी की ओर से टनल डोनेट की गई। फिलहाल शहर में तीन जगहों पर रही टनल लगाने की जानकारी है। इसकी रिपोर्ट मेयर को सौंपी गई है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भी लगाई रोक

कई राज्यों से सैनिटाइजर टनल का प्रयोग करने पर रोक लगाने के बाद स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने टनल के प्रयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। एक एडवाइजरी जारी कर इसके प्रयोग से मनुष्यों में इसके दुष्प्रभावों की जानकारी भी दी गई है। पिछले दिनों एम्स में टनल का प्रयोग बंद कर दिया गया। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, चेन्नई में भी टनल का प्रयोग पर प्रतिबंध लगा हुआ है।
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