नवजात बच्ची की मौत हो गई, जबकि अधिक रक्तस्राव होने से प्रसूता की हालत भी बिगड़ गई। इस पर झोलाछाप ने परिजनों से रक्त की मांग कर दी। मामला बिगड़ता देख प्रसूता को बरेली ले जाने की सलाह दी गई, लेकिन तब तक उसने दम तोड़ दिया।
जांच कराई जाएगी- सीएमओ
सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि संबंधित प्रकरण संज्ञान में है। जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।
सीएचसी नवाबगंज के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमित कुमार गंगवार ने कहा कि गर्भवती को सीएचसी में भर्ती किया गया था, पर उसकी हालत बिगड़ती जा रही थी। इसलिए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया था।
कोतवाल नवाबगंज राजकुमार शर्मा ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल पंजीकृत नहीं है। वहां कोई भी सर्जन तैनात नहीं हैं। बरेली से चिकित्सकों को बुलाकर यहां गर्भवतियों व प्रसूताओं का इलाज कराया जाता है। अस्पताल में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।