ये होगा लाभ
वाहन पर लगे क्यूआर कोड को मोबाइल फोन से स्कैन करते ही पूरा डाटा यात्री को मिल जाएगा। महिलाएं यह डाटा कैप्चर करने के बाद बेहिचक ई-रिक्शा में यात्रा कर सकेंगी। चालक पर भी मानसिक दबाव होगा तो वह न स्वयं अपराध करेगा, न किसी सवारी को करने देगा। पुलिस के नंबर भी वाहन पर लिखे होंगे तो यात्री तत्काल पुलिस की मदद भी ले सकेंगे।
एसपी यातायात शिवराज ने बताया कि पहले भी पांच हजार ई-रिक्शा चालकों का डाटा तैयार किया गया था। उससे ई-रिक्शा ट्रेस करने में समस्या आ रही थी। अब वेबसाइट व क्यूआर कोड के सहारे ई-रिक्शा का ऑनलाइन डाटा तैयार किया जा रहा है। इससे यात्रियों को सुविधा होगी।