समान वेतन और वर्दी न मिलने से नाराज नगर पालिका के संविदा सफाई कर्मचारियाें ने बृहस्पतिवार को बवाल मचा दिया। नगर पालिका परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की और मेन गेट पर मैला डाल कर ऑफिस बंद कर दिया। करीब दो घंटे तक कर्मचारियों को बंधक बनाए रखा। कई कर्मचारियों ने कमरों में छिप गए। पुलिस ने 12 संविदा कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया गया है। पांच के खिलाफ शांति भंग के आरोप में चालान किया है।
संविदा कर्मचारी करीब दो बजे पालिका में घुस गए और ऑफिस की कुर्सियां, टेबल, लैपटॉप, आदि सामान तोड़ डाला। इस दौरान पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। गुस्साए कर्मियों ने काम कर रहे कर्मचारियों को एक कमरे में बंद कर दिया और मेन गेट पर मैला फेंक दिया। बवाल की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई।
देर शाम नगर पालिका के कर्मचारियाें ने कोतवाली में संविदा सफाई कर्मचारियों के खिलाफ दी। पुलिस ने 12 संविदा सफाई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया है। नगर पालिका कर्मचारियों का कहना है कि करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। सफाई निरीक्षक शैलेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की सूचना अफसरों को दे दी गई है। उधर, साथियों को हिरासत में लेने से भड़के सफाई कर्मचारियों ने 19 दिसंबर से हड़ताल का नोटिस दिया है।
इसलिए नाराज हैं सफाई कर्मचारी
नगर पालिका में संविदा पर 92 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। उन्हें चार से साढे़ चार हजार रुपये तक मानदेय मिलता है। उनका कहना है कि स्थायी सफाई कर्मचारियों के समान वेतनमान का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में रखा गया था मगर सदस्यों ने यह कहते हुए इसे खारिज कर दिया किया कि नगर पालिका की आय सिर्फ सात लाख रुपये है और वेतन पर करीब नौ लाख रुपये खर्च होगा।
बोर्ड ने शासन को राज्य वित्त आयोग से वेतन देने की मांग कर प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया। लेकिन संविदा कर्मचारी इस बात पर अड़े हुए हैं कि उनके वेतन का प्रस्ताव पालिका बोर्ड से ही पारित हो।