सवर्ण समाज के लोगों ने किया प्रदर्शन
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यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) के नए नियमों को काला कानून बताकर इसे वापस लिए जाने की मांग को लेकर जहां बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने पिछले दिनों पद से इस्तीफा दिया और फिर वह निलंबित हुए, वहीं सेठ दामोदर स्वरूप पार्क में सर्व समाज बरेली बैनर तले लोग अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। धरने पर बैठे बुजुर्गों को कहना है कि यूजीसी के विरुद्ध आंदोलन के जनक अलंकार ही हैं। दोपहर में धरने से निकलकर राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों ने प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।
अनिश्चितकालीन धरने में शामिल करणी सेना के जिलाध्यक्ष अंकित सिंह व अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता दोपहर 12.20 बजे पार्क से निकलकर जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए कलक्ट्रेट गेट पहुंचे। यहां उन लोगों ने निलंबित सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार के पक्ष में और केंद्र-राज्य सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। रंजीत सिंह, शिवम सिंह, लल्लन सिंह, विशाल चौहान, राजीव सिंह, अवनीश सिंह समेत करीब 50 लोगों ने कलक्ट्रेट गेट पर ही एसडीएम रत्निका श्रीवास्तव को ज्ञापन दिया। यह ज्ञापन यूजीसी के नए नियमों के विरुद्ध सात बिंदुओं की मांग पर आधारित प्रधानमंत्री को संबोधित है। इसमें उन लोगों ने यूजीसी के नए नियमों को हिंदू समाज को आंतरिक रूप से विभाजित करने वाला बताया।
कहा कि इन नियमों से जातिगत वैमनस्यता फैलेगी और उच्च शिक्षा संस्थानों में सामान्य वर्ग के छात्रों का उत्पीड़न होगा। पार्क में सर्व समाज बरेली के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन धरना के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को भी कई बुजुर्ग और युवा मौजूद थे। यह लोग पार्क में ही टेंट लगाकर धरना दे रहे थे। धरना दे रहे सोहन लाल ने कहा कि जब तक यह काला कानून वापस नहीं होता है, उस समय तक उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
धरना स्थल पर रजाई-गद्दा और अलावा के इंतजाम
पार्क में धरना स्थल पर ही रजाई-गद्दा, तख्त और अलाव के इंतजाम हैं। धरने पर बैठे फरीदपुर के बुजुर्ग सोहन लाल शर्मा ने बताया कि वह 27 जनवरी के दिन से ही यूजीसी के विरुद्ध चल रहे आंदोलन में सक्रिय हैं और दिन-रात पार्क में ही बैठकर धरना दे रहे हैं। अखिल भारत परिषदीय ब्राम्हण सभा के प्रदेश अध्यक्ष त्रिभुवन शर्मा ने बताया कि वह भी तीन दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। धरने पर बैठे राजेश कुमार शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकारा को कानून लाना है तो जनसंख्या नियंत्रण और रोजगार देने जैसे कानून लाए। वर्तमान सरकार ने पहले धर्म में बांटा और हिंदुओं को बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूजीसी जैसे कानून से देश बिखर जाएगा।