बरेली। जिला पंचायत में विकास कार्यों से संबंधित 70 करोड़ रुपये के प्रस्ताव छह माह से अटके हैं। पुराने प्रस्तावों पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। जिला पंचायत बोर्ड का कार्यकाल बढ़ने के बाद कोई नया प्रस्ताव भी अनुमोदन के लिए नहीं भेजा गया है। इससे विकास का पहिया थम गया है। ऐसे में प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, 70 करोड़ रुपये से जिले की 60 ग्राम पंचायतों में 49 किमी सड़कों का निर्माण कराया जाना है। नाले-नालियों के निर्माण पर भी रकम खर्च होगी। मझगवां, क्यारा समेत चार ब्लॉकों में एक-एक करोड़ रुपये की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट (बीपीएचयू) बनाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल गई है। इनकी टेंडर प्रक्रिया बीते माह ही पूर्ण कर ली गई है। नियमानुसार अब तक 10 फीसदी काम हो जाना चाहिए था, पर ये अब तक शुरू नहीं हो सके हैं। नतीजा, लोग हिचकोले खा रहे हैं।
दो माह तक अधिकारों पर रहा असमंजस
जुलाई में जिला पंचायत बोर्ड का कार्यकाल छह माह के लिए बढ़ाया गया, लेकिन नए प्रस्तावों को किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत मंजूरी दी जाए, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी। नई गाइड लाइन जारी नहीं होने से करीब दो महीने तक प्रस्ताव स्वीकृति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी।
ये कार्य भी हैं प्रस्तावित
- ग्राम पंचायतों में बने स्कूलों में शौचालयों का जीर्णोद्धार।
- गोशालाओं के लिए नये संपर्क मार्गों का निर्माण।
वर्जन
अधिकार संबंधी गाइड लाइन आने में काफी समय बीत गया। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में सड़कें व अन्य पक्के कार्य जल्द आरंभ होंगे। बीपीएचयू का निर्माण अगले सप्ताह शुरू कराने का प्रयास है। - डॉ. नीतू सिसौदिया, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत