एक महीने चलाकर बंद की गई रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस भी अब तक नहीं चली
बरेली। महाराष्ट्र के शहरों में फिर से कोरोना के बेकाबू होने और कई शहरों में लॉकडाउन होने के बाद रेलवे ने बरेली-लोकमान्य टर्मिनस दादर एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव स्थानीय स्तर पर ही निरस्त कर दिया है। इससे मुंबई जाने वाले यात्री मायूस हैं। इधर, लॉकडाउन के बाद एक महीने चलकर बंद हुई रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस भी अब तक नहीं चली है।
करीब 15 दिन पहले जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक सत्यवीर सिंह से कुछ लोगों ने मुंबई के लिए दादर एक्सप्रेस फिर से चलाने का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजने का अनुरोध किया था। इस पर उन्होंने अधीनस्थों को प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दे दिए। इस प्रस्ताव को मुरादाबाद भेजा जाना था। वहां से इसे रेलवे बोर्ड को भेजा जाता, लेकिन इसी बीच महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर शुरू हो गई। दो शहरों में लॉकडाउन हो गया। इसे देखते हुए स्टेशन अधीक्षक ने दादर एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव रद्द कर दिया। उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थानीय स्तर से प्रस्ताव नहीं भेजा जाएगा।
दोबारा नहीं चली रामनगर-आगरा फोर्ट
सप्ताह में तीन दिन चलने वाली रामनगर-आगरा फोर्ट एक्सप्रेस का संचालन भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। इस ट्रेन को लॉकडाउन खत्म होने के बाद 12 जुलाई से चलाया गया था, लेकिन एक महीने तक ट्रेन को पर्याप्त संख्या में यात्री ही नहीं मिल सके। घाटा होने पर रेलवे ने ट्रेन का संचालन बंद कर दिया। अब होली पर इस ट्रेन के चलने की संभावना है। धर्मकांटे की अल्पना निगम ने बताया कि होली का त्योहार मनाने के लिए हाथरस जाना था, ट्रेन न चलने से अब बस का ही सहारा है। अगर रेलवे ट्रेन चला दे तो काफी संख्या में यात्री मिलेंगे। एलआईसी के प्रदीप जोशी हर शनिवार हल्द्वानी अपने घर जाते हैं। उन्हें रोडवेज बस में ज्यादा किराया देना पड़ता है और समय भी ज्यादा लगता है। उन्होंने कहा कि ट्रेन चल जाए तो हल्द्वानी का सफर आरामदायक हो जाएगा। हालांकि इस संबंध इज्जतनगर रेल मंडल ने अभी कोई पहल नहीं की है।
बरेली-दिल्ली पैसेंजर में गए 130 यात्री
करीब एक साल बाद चली बरेली-दिल्ली वाया चंदौसी पैसेंजर ट्रेन मंगलवार शाम सवा पांच बजे बरेली जंक्शन से रवाना हुई। यह ट्रेन बुधवार सुबह साढ़े तीन बजे दिल्ली पहुंचेगी। इसमें यात्रियों से न्यूनतम 30 रुपये का किराया वसूला गया। लिहाजा कम दूरी के यात्री ट्रेन में सवार नहीं हुए। इससे ट्रेन में यात्रियों की संख्या केवल 126 ही रही। इनसे रेलवे को 9790 रुपये का राजस्व मिला। रेलवे अधिकारियों ने जल्द ही यात्री बढ़ने की उम्मीद जताई है।