बरेली। इंदौर और अहमदाबाद की तर्ज पर अपने शहर को जीरो वेस्ट सिटी बनाने की तैयारी है। सिटीज 2.0 में शहर को चमकाने और कूड़ा प्रबंधन व निस्तारण के लिए मशीनीकरण बढ़ेगा। प्रस्तावित योजना 86.87 करोड़ रुपये लागत की है।
इस पर शनिवार को वर्चुअल बैठक हुई। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय की सिटीज 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित इस योजना के जल्द स्वीकृत होने के आसार हैं। दिसंबर 2027 तक शहर को जीरो वेस्ट करने का लक्ष्य है। मंत्रालय के संंयुक्त सचिव ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंसिंग में प्रस्तावित योजना का विवरण समझा।
स्मार्ट सिटी परियोजना के पहले चरण 950 करोड़ रुपये के कार्य हो चुके हैं। अब सिटीज 2.0 के अंतर्गत प्रस्ताव तैयार हैं और मंजूरी के लिए आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय को भेजे दिए गए हैं। पहले 135 करोड़ रुपये लागत के प्रस्ताव थे, लेकिन स्थानीय स्तर पर समीक्षा के बाद 86.87 करोड़ रुपये लागत का प्रस्ताव बनाया गया।
प्रस्ताव धरातल पर उतराने की तैयारी है। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य का मानना है कि प्रस्तावित योजना लागू होते ही तो स्वच्छता के मामले में शहर सेवन स्टार रेटिंग के लिए बढ़ेगा। फिलहाल शहर की रेटिंग वन स्टार है। अमर उजाला ब्यूरो