फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bareilly News: सात जन्म तक साथ निभाने का वादा... पलभर में राहें जुदा

विज्ञापन
विज्ञापन
बरेली। बरेली क्लब मैदान पर बुधवार को भी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के पंडाल सजे। इसमें सात जन्म तक साथ निभाने का वादा करने वाले दूल्हा-दुल्हन ने पलभर में ही अलग-अलग राह पकड़ ली। विवाह की रस्मों के नाम पर भी सिर्फ खानापूरी की। बीस से अधिक हवन कुंडों में आग ही नहीं जलाई गई। फेरों के समय भी कई वर-वधू बैठे -बैठे समारोह संपन्न होने का इंतजार करते दिखे।
विज्ञापन

विवाह की रस्म अदायगी के बारे में सवाल करने पर परिजन ने बताया कि अब शुभ मुहूर्त पर विधिवत विवाह होगा। इसके बाद दुल्हन ससुराल जाएगी। बोले- हम गरीब हैं, अगर यहां आने से सरकारी मदद मिल सकती है तो इसमें गलत क्या है?
यह है मौके की हकीकत
हरूनगला के युवक ने बताया कि दो महीने पहले उसकी शादी तय हुई। यहां आए, वरमाला डालकर एक-दूजे के हो गए। साथ मौजूद युवती ने बताया कि यहां तो रस्म अदायगी हुई। शादी 28 मार्च को होगी। शेरगढ़ ब्लाॅक के एक गांव से विवाह के लिए आए युवक ने भी ऐसी ही बात कही। उकी मां बोलीं- असली शादी 10 मई को होगी। फिलहाल, लड़का हमारे साथ जाएगा और लड़की अपने घर जाएगी। बहेड़ी ब्लाॅक से आए दुल्हन के पिता ने भी ऐसी ही बात कही। वहां मौजूद कई अन्य जोड़ों और उनके परिजन ने मिलते-जुलते तर्क दिए और बाद में विधिवत शादी की बात कही।
विज्ञापन

-
459 जोड़ों का हुआ विवाह, 122 को निकाह कुबूल
समारोह में 581 जोड़े एक-दूजे के हुए। इसमें 459 हिंदू जोड़ों का विवाह हुआ और 122 मुस्लिम जोड़ों ने निकाह कुबूल किया। जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने जीवन की नई पारी के लिए उनको शुभकामनाएं दीं। सीडीओ जगप्रवेश ने बताया कि शासन एक जोड़े की शादी पर 51 हजार रुपये खर्च करता है। वधू के खाते में 35 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। सांसद छत्रपाल गंगवार, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पांडेय, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, बीडीए उपाध्यक्ष मनिकंडन ए., नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य समेत अन्य अधिकारियों व समाजसेवियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया।
-
समाज कल्याण विभाग की ओर से वैवाहिक स्थल पर सभी व्यवस्थाएं की गई थीं। अगर किसी हवन कुंड में आग नहीं जली तो लोगों को बताना चाहिए था। पात्रता के आधार पर सभी लाभ दिए गए हैं। - हिमांशु शेखर, समाज कल्याण अधिकारी
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें