जुलूस-ए-मोहम्मदी जैसे बड़े आयोजन से पहले पुलिस-प्रशासन आमतौर पर वैसे ही कुछ टेंशन में रहता है, लेकिन इस बार उसका टेंशन और बढ़ गया है। जुलूस-ए-मोहम्मदी के रास्ते में इस बार शहामतगंज और शहदाना चौराहे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर की की शटरिंग आड़े आ रही है। जुलूस निकालने से पहले आयोजकों ने प्रशासन के सामने यह शटरिंग हटाने की मांग रख दी है। आयोजकों की इस मांग के बाद पुलिस प्रशासन के पसीने छूट गए हैं।
दरअसल, शहदाना चौराहे पर फ्लाईओवर के दो हिस्सों को जोड़ने के लिए निर्माण कार्य शुरू हुआ है, जिसके लिए पुल के नीचे शटरिंग लगाई गई है। इस शटरिंग की वजह से यहां सामान्य यातायात ही बाधित रहता है, ऐसे में जुलूस-ए-मोहम्मदी जिसमें भारी संख्या में लोग शिरकत करते हैं, उसका फ्लाईओवर के नीचे से आसानी से निकल पाना जरा भी मुमकिन नहीं है।
दिक्कत यह भी है कि लोहे की शटरिंग हटाने से निर्माण को रोकना पड़ेगा। फिलहाल पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों की आयोजकों के साथ वार्ता चल रही है। अधिकारियों का कहना है कि वे वार्ता करके बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में जुटे हैं। बता दें कि पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद साहब के यौमे पैदाइश (जन्म दिवस) पर पुराने शहर में निकलने वाला यह जुलूस पूर्व दिवस पर निकाला जाता है जो इस बार एक दिसंबर रहेगी। यह जुलूस मुन्ना खां की नीम से शुरू हो कर मीरा की पैठ, जगतपुर चौराहा, कांकर टोला से शहदाना मार्ग होता हुआ शहामतगंज आजाद इंटर कालेज, कैथ का पेड़ सैलानी होता हुआ पुन: मुन्ना की नीम पहुंच कर संपन्न होता है। इस जुलूस में लगभग सौ अंजुमन शालिम होती है और 15 से 20 हजार के बीच मजमा होता है।