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प्रियंका बोलीं, क्या महिला आरक्षण का यही मतलब कि आप पीटकर उन्हें भगा दें

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पसगवां कांड पर प्रेस से बात करतीं प्रियंका गांधी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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लखीमपुर खीरी। महिलाओं को आरक्षण इसी लिए दिया गया है कि उनका अधिकार बने। लेकिन उन्हें चुनाव लड़ने से उन्हें रोका जा रहा है। मारपीट कर भगा दिया जाता है। क्या कोई दस गुंडे लेकर चुनाव जीत सकता है। क्या यही लोकतंत्र है। पसगंवा में ब्लॉक प्रमुख के नामांकन के दौरान बदसलूकी की शिकार महिलाओं से बातचीत के बाद प्रियंका गांधी ने यह सवाल उठाए।
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महिलाओं के साथ हो रही हिंसा को लेकर इन दिनों कांग्रेस महासचिव मुखर हैं। उत्तर प्रदेश के आगामी विधान सभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ उनका यह प्रमुख मुद्दा होगा। शनिवार को उन्होंने इस बात के साफ संकेत दिए। पीड़ित महिलाओं का दर्द सुनने के बाद कहा कि वे उनकी बहनें हैं और उनका परिवार हैं। सिर्फ वह ही नहीं बल्कि पूरे देश की एक-एक महिला उनके साथ है। उनके न्याय के लिए वह लड़ाई लड़ेंगी। प्रियंका ने बताया कि उन्होंने पीड़ित महिलाओं से कहा है कि वह नामांकन भी भरेंगी, चुनाव भी लड़ेंगी और जीतेंगी भी। यह लोकतंत्र की लड़ाई है और वह उनकी लड़ाई लड़ेंगी। प्रियंका ने कहा कि चुनाव के दौरान हर जिले में कुछ न कुछ हुआ है। कहीं गोली चली है, कहीं बम चले हैं। महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ, जिसका वीडियो सामने आया। सब कुछ साफ है और प्रधानमंत्री जी प्रदेश सरकार को जीत की बधाई दे रहे हैं।

सांसद को आड़े हाथ लिया, दुर्भाग्यपूर्ण...एक महिला की उपस्थिति में यह सब हुआ, 

लखीमपुर खीरी। पसगवां कांड की पीड़ितों से मिलने पहुंचीं प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बिना नाम लिए ही भाजपा उपाध्यक्ष और धौरहरा की सांसद रेखा वर्मा पर निशाना साधा। कहा कि एक महिला होने के बावजूद उनकी उपस्थिति में यह सब घटा, जिसे दुरुस्त करना अब उनकी जिम्मेदारी है। 
 उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े नेता, चाहे वो हाई प्रोफाइल हों या लो प्रोफाइल, जिन्होंने इन गुंडो को भेजा और जिनको इनकी जानकारी है। वह सब देख रहे हैं कि वीडियो में कितना अत्याचार हुआ है। महिलाओं के साथ क्या हुआ है। चुनाव की ये प्रक्रिया नहीं है कि आप नामांकन पत्र फाड़ें और किसी को मारपीट कर बाहर निकाल दें। उनको यह सब दिख रहा है तो उनकी जिम्मेदारी है कि यह सब ठीक करें। यहां पर जो चुनाव होना चाहिये वह चुनाव हो। हर जगह पर जहां भी ऐसी घटनाएं हुई हों, वहां सब चुनाव रद्द हों। गौरतलब है कि मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार हुए हैं, जिनमें दो बृज सिंह और यश वर्मा भाजपा कार्यकर्ता तो तीसरा आरोपी सुमित तिवारी भाजपा सांसद रेखा वर्मा के करीबी हैं।
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प्रियंका गांधी के रेखा वर्मा पर निशाना साधने पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष कुल भूषण सिंह ने कहा कि उनकी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। उन्होंने मामले को काबू किया, जबकि मामले में सीएम योगी ने भी त्वरित कार्रवाई की।

कई जिलों की पुलिस और पीएसी रही तैनात

चपरतला। प्रियंका गांधी के सेमराघाट गांव में पीड़ित महिलाओं से मिलने की जानकारी मिलते ही पुलिस में खलबली मच गई। लखीमपुर खीरी समेत आसपास के जिले लखनऊ तक की पुलिस लगा दी गई। चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई, जिससे किसी प्रकार के हुड़दंग या जाम की स्थिति न बनें। रास्ते में बराबर पुलिस मुस्तैद रही। जगह-जगह पर पुलिस ने प्रियंका के काफिले को आगे बढ़ाया, जिससे प्रियंका अपने तय समय से पहले ही पहुंच गईं।
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला उपाध्यक्ष के घर जब कांग्रेस की शीर्ष नेता प्रियंका गांधी पहुंचीं तो समाजवादी पार्टी के नेताओं ने अपने ही नेता से किनारा कर लिया। इस मसले पर किसी तरीके की बात करने से मना कर दिया। वहीं कांग्रेस के नेता भी चुनावी जमीन तलाश करने के कारण सपा नेता के घर पहुंच गए। क्षेत्र में तमाम तरह की चर्चाएं हो रही हैं। सपा नेता को लोग कांग्रेस की ओर देख रहे हैं। संवाद

कांग्रेसी नेता सरकार व पुलिस के खिलाफ करते रहे नारेबाजी

लखीमपुर खीरी। प्रियंका गांधी का काफिला घर के अंदर पहुंच जाने के बाद पुलिस ने मेन गेट का दरवाजा बंद कर दिया। इससे कांग्रेस के कुछ लोग ही अंदर पहुंच पाए। प्रवेश न मिलने से नाराज बाकी कांग्रेसी गेट पर ही झंडे लेकर पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रहलाद पटेल भी बाहर फंसे रह गए। कुछ देर बाद जिला अध्यक्ष को प्रवेश दिया गया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेसियों में कई बार धक्का-मुक्की देखने को मिली। इस दौरान गेट के बाहर सपा और कांग्रेस के झंडे भी एक साथ नजर आए। संवाद
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