सिरौली। एक लाख की आबादी के लिए सिरौली में तैयार नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्टाफ के अभाव में स्वयं बीमार है। इस कारण यहां पहुंच रहे लोगों को बेहतर इलाज नहीं मिल पा रहा है।
लोगों का कहना है कि अब अस्पताल में साफ-सफाई के अभाव में आसपास गंदगी पड़ रहती है। परिसर की साफ-सफाई कभी-कभार नगर पंचायत कर्मी ही करते हैं। सिरौली में स्थित अस्पताल में स्टाफ के नाम पर एक डॉक्टर, एक संविदा पर वार्ड बॉय मात्र कर्मी ही तैनात हैं। विभागीय मानकों के मुताबिक देहात के स्वास्थ्य केंद्र में दो डाॅक्टर, एक महिला डाॅक्टर, एक स्टाफ नर्स, चार एएनएम, एक परिसर की सफाई के लिए सफाई कर्मी, एक वार्ड बॉय, एक लैब सहायक, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्नीशियन, एक काउंसलर सहित 16 स्टाफ का होना अनिवार्य बताया गया है।
नहीं मिलती रात्रकालीन सेवा
लोगों ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते यहां रात्रिकालीन सेवा नहीं रहती है। अस्पताल में प्रसव आदि की कोई सुविधा नहीं है।लोगों का कहना है कि यहां की आबादी को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आवश्यकता है। इस तरह अभी तक गौर नहीं किया गया है।
अस्पताल में दो का स्टाफ है। कोशिश रहती है कि मरीजों को ज्यादा से ज्यादा लाभ मिल सके।
डाॅ. विनोद कुमार, चिकित्सा प्रभारी, सिरौली