एपीओ डूडा राकेश कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। अगर अपात्रों को लाभ दिया गया है तो यह गलत है। धनराशि न लौटाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अपात्रों को भी दे दिया आवास योजना का लाभ
सांठगांठ के जरिये कई अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दे दिया गया। स्थलीय जांच में इसका खुलासा हुआ है। फरीदपुर के मोहल्ला परा में साईं बाबा मंदिर के पास के रहने वाले राज बहादुर सिंह ने 29 जनवरी को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी से अपात्रों के नाम आवास आवंटित करने की शिकायत की थी।
उन्होंने बताया कि मोहल्ले के उमेश राठौर व विनीत राठौर का पक्का मकान बना हुआ है। उनके नाम पर जमीन भी है। इसके बाद भी उमेश की पत्नी पार्वती व विनीत की पत्नी शशिबाला के नाम आवास स्वीकृत कर दिया गया।
पहले से बने हुए मकान में पिलर खड़े करके पुरानी लेंटर से जोड़कर उन्होंने धनराशि हड़प ली। मोहल्ले की ही अर्चना व सुमन को भी अपात्र होने के बावजूद योजना का लाभ दिया गया। पहले से पक्के मकान में रह रहे रामधार सिंह ने पत्नी भुवनेश्वरी देवी व बेटे पवन सिंह की पत्नी के नाम से आवेदन कराकर आवास ले लिया। वह आवास की आड़ में दुकानों का निर्माण करा रहे हैं।
शिकायत का संज्ञान लेकर ईओ ने सफाई एवं खाद्य निरीक्षक सुरजीत सिंह चौहान को जांच के लिए मौके पर भेजा। जांच में अपात्रों को आवास देने की पुष्टि हो गई। सुरजीत सिंह ने जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपी है।