शाही। 70 साल से मुकदमा चलते रहने के बीच गांव के चार तालाबों में से साढ़े चार बीघा के तालाब का अस्तित्व ही समाप्त हो गया। अब यहां जगह-जगह पक्के मकान बनकर तन गए हैं। इस बीच शिकायत के बीच जिम्मेदार आश्वासन देते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की। शेष रह गए तीन तालाबों पर कब्जा बढ़ गया है।
शाही थाना क्षेत्र के गांव बगरऊ में चार तालाब है। तीन तालाबों में मछली पालन के लिए पांच साल पहले पट्टा दिया गया था। मौजूदा अभिलेखों के अनुसार इन तालाबों पर भी वर्तमान समय में काफी रकबा कम हो चुका है। प्रधान पति रामपाल गंगवार ने बताया कि गांव के एक तालाब का अस्तित्व पूरी तरह से खत्म हो चुका है। चारों तरफ पक्के निर्माण कार्य कर लिए गए हैं। तालाब के बीचो-बीच से सांसद निधि द्वारा बीचो बीच सड़क बनाकर दे दी गई है। कई ग्रामीणों ने वर्ष 2022 में जिलाधिकारी व संपूर्ण समाधान दिवस में तालाब पर हुए कब्जों को हटाने की शिकायत की थी। दो वर्ष बीतने के बाद भी प्रशासन तालाब से एक भी अतिक्रमण को नहीं हटवा सका है।
खानापूर्ति के लिए 122 लोगों पर हुई थी कार्रवाई
खानापूर्ति के लिए प्रशासन ने करीब 11 लोगों पर कुछ कार्रवाई भी कर दी, जिसको कब्जेदार हंसते खेलते हुए बर्दाश्त कर रहे हैं। किसान नेता झंडू सिंह तथा मान सिंह ने इस जिम्मेदारी की लापरवाही बताया है।
बगरऊ में तालाब पर हुए अवैध कब्जे की उन्हें जानकारी नहीं है। मौके पर राजस्व टीम भेजकर जांच कराकर अवैध कब्जेधारकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- तृप्ति गुप्ता, एसडीएम मीरगंज
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