बरेली। छात्र राजनीति कभी राज्य की राजनीति पर भी असर डालती थी मगर अब ऐसा नहीं है। इस दौर का कड़वा सच यह है कि अब सत्ता छात्रों को अपने टूल की तरह इस्तेमाल करती है। इसीलिए प्रेम और अहिंसा पर चलने वाली छात्र राजनीति अपनी दिशा से भटक गई है। छात्र राजनीति में कोई परिवर्तन की गुंजाइश भी फिलहाल नजर नहीं आती।
विंडरमेयर में शनिवार को ‘जनता स्टोर’ के लेखक नवीन चौधरी की संवाद न्यूज के निदेशक प्रभात सिंह के साथ हुई परिचर्चा में कुछ इसी तरह के निष्कर्ष सामने आए। उपन्यासकार नवीन चौधरी यहां रंगविनायक रंगमंडल और संवाद न्यूज की ओर से आयोजित ‘विमर्श’ कार्यक्रम के दूसरे संस्करण में बतौर मेहमान शामिल हुए। शुरुआती दौर में करीब आधे घंटे ‘जनता स्टोर’ उपन्यास पर प्रभात सिंह ने नवीन चौधरी से कई सवाल पूछे जिसका उन्होंने अपने उपन्यास और निजी अनुभवों के आधार पर जवाब दिया। बाद में इस परिचर्चा में रंगविनायक के चेयरमैन डॉ. ब्रजेश्वर सिंह ने भी हिस्सा लिया। विंडरमेयर में मौजूद युवाओं ने भी नवीन चौधरी से कई सवाल किए।
दरअसल ‘जनता स्टोर’ छात्र राजनीति, उसकी जटिलताओं और दांव पेंच के बीच युवा मन के द्वंद्व और इश्क के पेचोखम पर केंद्रित है जिसकी कहानी का आधार जेएनयू की एक घटना है। नवीन चौधरी ने बताया कि इस घटना में जैसा दिखा था, वह असलियत नहीं बल्कि उसके पीछे कुछ और था। इसी को केंद्रित होकर उन्होंने अपना उपन्यास रचा है। इस मौके पर जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह बतौर मुख्य अतिथि मौजूद रहे। साहित्यकार सुधीर विद्यार्थी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।