बरेली। गांवों में सफाई करने की जगह कर्मचारी अफसरों के घरों में लगे होने की शिकायत पर प्रभारी मंत्री ने पिछले दिनों जांच के आदेश दिए थे। प्रशासन ने भले ही इसकी जांच नहीं कराई लेकिन कर्मचारियों की हाजिरी ऐप से लगाने की व्यवस्था जरूर दी है। इसके तहत गांव में तैनात अपनी सफाई अभियान की जानकारी व्हाट्सऐप हर दिन देगा। तभी उसे वेतन मिलेगा।
जिला योजना बैठक में विधायकों ने गांवों में फैली गंदगी और सफाई कर्मियों की तैनाती अफसरों के घरों पर होने का मामला उठाया था। इस पर प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने मंत्री ने डीएम से जांच कर प्रभावी कार्रवाई के आदेश दिए थे। विधायक और जनप्रतिनिधियों ने कहा था कि जिले में 1900 से ज्यादा कर्मचारी कार्यरत नहीं हैं, लेकिन वे सफाई काम नहीं नहीं करते हैं। क्योंकि ज्यादातर कर्मी अफसरों और नेताओं की सेवा में लगे तो कुछ नेतागिरी कर रहे हैं। इससे ग्रामों में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। प्रभारी मंत्री के निर्देशों का असर चार दिन में दिखने लगा है। क्योंकि प्रशासन दो अक्टूबर से एक खास मोबाइल फोन एप लांच कर रहा है, इसके तहत संबंधित कर्मचारी अपने तैनाती गांव से कार्य करने का फोटो व्हाट्सऐप जारी करेगा, तभी उसकी उपस्थिति मान्य होगी।
एनआईसी से जुड़ेगा सिस्टम
कर्मचारी अपने स्मार्ट फोन पर एनआईसी से ऐप लोड कराएगा। जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैं उनको खरीदने को कहा गया है। जिला पंचायत अधिकारी (डीपीआरओ) चंद्रिका प्रसाद ने कहा है कि सभी कर्मचारियों पर स्मार्ट फोन अनिवार्य है। फोन में ऐप लोड कराने के लिए जिला मुख्यालय से संपर्क करने को कहा गया है। जो सफाई कर्मी फोन में ऐप लोड नहीं कराएगा तो उसे वेतन नहीं मिलेगा।
निरीक्षण में मजदूर सफाई करते मिले
प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा की नाराजगी बाद अफसरों ने गांवों में सफाई व्यवस्था परखी तो वहां पर कर्मचारियों द्वारा लगाए गए मजदूर काम करते मिले थे। इसके बाद डीपीआरओ चंद्रिका प्रसाद ने सभी सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को पत्र लिखकर अवगत कराया कि गांवों में सफाई नहीं होने से गंदगी और बीमारियां हो रही हैं। जो कर्मी काम नहीं कर रहे हैं, उन्हें बाहर किया जाए, अन्यथा संबंधित विकास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
जिला स्तर पर मोबाइल ऐप तैयार कर लांच किया जा रहा है। दो अक्टूबर से गांवों में सफाई व्यवस्था और कर्मचारी उपस्थिति का सत्यापन मोबाइल फोन से जारी फोटो से होगा।
- चंद्रिका प्रसाद, डीपीआरओ