बरेली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शासन में बैठे अफसर सांप्रदायिक तनाव की दृष्टि से बरेली को संवेदनशील मानते हैं। शासन की हर वीडियो कांफ्रेंसिंग में यहां के लॉ एंड ऑर्डर को लेकर चिंता जताई जाती रही है लेकिन स्थानीय अफसर इसे मानने को तैयार नहीं हैं। इसका असर शुक्रवार को देवरनिया के मंगरी गांव में जन्माष्टमी जुलूस निकालने के दौरान देखने को मिला। पिछले साल भी यहां विवाद हुआ था, जिसके चलते शासन ने चेतावनी भी जारी की थी। इसके बावजूद पुलिस-प्रशासन के अफसर तैयारी नहीं कर सके और फिर विवाद हो गया। आज रविवार को जन्माष्टमी पर शहर में दो शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। इन दोनों यात्राओं में वर्ष 2012 में बड़ा बवाल हुआ था, जिसके चलते अफसरों के हाथ-पांव फूल रहे हैं।
गृह विभाग के सांप्रदायिक नियंत्रण प्रकोष्ठ ने 20 अगस्त को बरेली समेत प्रदेश भर के डीएम को पत्र लिखकर संवेदनशील स्थानों की सूची जारी की थी। संयुक्त सचिव सुनील कुमार के इस पत्र में लिखा है कि जन्माष्टमी के कार्यक्रम 29 अगस्त तक चलेंगे। गृह विभाग की सूची में बरेली जिला सर्वाधिक संवेदनशील बताया गया है। इसमें कहा गया कि तीन सितंबर 2018 को थाना देवरनिया के गांव मगरी में बिना अनुमति जुलूस निकालने की कोशिश हुई। मना करने पर विवाद हुआ और इसकी रिपोर्ट भी दर्ज है। इस रिपोर्ट पर अफसरों ने कोई ध्यान नहीं दिया, परिणामस्वरूप शुक्रवार को यहां विवाद और पथराव हो गया, जिसमें कई लोग चोटिल भी हुए। शनिवार को चावड़ मुड़िया में विवाद हुआ। एडीएम सिटी महेंद्र सिंह और पुलिस ने मामले को नियंत्रित किया।
आज रविवार को दो जुलूस निकलेंगे। इन दोनों ही जुलूस में अगस्त 2012 में बवाल हुआ था, जिसमें पथराव, आगजनी और फायरिंग हुई थी। इसके चलते ही शहर में कई दिन तक कर्फ्यू भी लगा रहा। प्रशासन ने इस पर भी कोई कार्य योजना नहीं बनाई है। शरारती तत्वों से निपटने के नाम पर शनिवार शाम थाना बारादरी क्षेत्र में 50 लोगों को मुचलका पाबंद किया गया। इसको लेकर भी लोगों में आक्रोश है, क्योंकि इसमें गलत नाम शामिल हैं। रविवार को पुराना शहर स्थित सीताराम मंदिर चंद्रनगर (कटरा चांद खां) और जगतपुर से शोभायात्राएं निकलेंगी।
सूची में शामिल संवेदनशील प्वाइंट
गृह विभाग की सूची में जोगीनवादा, स्वालेनगर, चक, जगतपुर, कालीबाड़ी, बुखारपुरा, शाहदाना, श्यामगंज, सहसवानी टोला, कटघर, सिकलापुर, बजरिया इनायतगंज, सहसवानी टोला, कैंट का गांव मोहनपुर, आंवला का मोहल्ला मनौना, देवरनिया आदि संवेदनशील स्थानों में शामिल हैं।