बरेली। यूं तो जिले के दो विधायकों का मंत्री पद से इस्तीफा हुआ और जाहिरा तौर पर भाजपा संगठन के बड़े नेता इस पर अफसोस भी जताते रहे लेकिन शुक्रवार को जब मंत्री पद छोड़ने वाले दोनों विधायक बरेली लौटे तो किसके मन में उनके प्रति कितनी संवेदना है, यह खुलकर सामने आ गया। जो नेता धर्मपाल के साथ बैठे दिखाई दिए, वे राजेश अग्रवाल से मिलने नहीं पहुंचे और जो राजेश अग्रवाल के दफ्तर में बैठे दिखे, वे धर्मपाल से मिलने नहीं पहुंचे। भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर, उपाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह और महानगर अध्यक्ष केएम अरोरा समेत तमाम नेताओं का यही रुख दिखा। यही नहीं बरेली के तमाम भाजपा नेता नए-नए मंत्री बने बदायूं के विधायक महेश गुप्ता के पीछे दौड़े दिखे लेकिन अपने जिले के इन दोनों पूर्व मंत्रियों से मिलने नहीं पहुंचे।
इस्तीफा देने वाले दोनों ही मंत्री शुक्रवार को शहर पहुंच गए। राजेश अग्रवाल दोपहर करीब पौने तीन बजे और धर्मपाल सिंह करीब साढ़े चार बजे बरेली पहुंचे। इस दौरान भाजपा की जिला और महानगर इकाई के जो राजेश अग्रवाल के यहां गए, वे धर्मपाल सिंह के यहां नजर नहीं आए और जो धर्मपाल सिंह के यहां गए, वे राजेश अग्रवाल के यहां नजर नहीं आए। शीर्ष स्तर के नेताओं में भी ऐसा ही दिखा। महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा कालीबाड़ी पर राजेश अग्रवाल के आवास पर पहुंचे लेकिन वह धर्मपाल सिंह से नहीं मिले। वहीं, जिलाध्यक्ष रविंद्र सिंह राठौर और जिला उपाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह आदि सिर्फ धर्मपाल सिंह से मिलने पहुंचे। जिलाध्यक्ष ने राजेश अग्रवाल के यहां न जाने के सवाल पर बताया कि जन्माष्टमी के चलते आज व्यस्तता रही। एक बीमार व्यक्ति को देखने अस्पताल भी जाना था इसलिए राजेश जी से शनिवार को मिलेंगे।