समर्थकों को संबोधित करते-करते धर्मपाल एक बार काफी भावुक भी हो गए। बोले- मुझ पर कलंक लग गया, अब मैं किस मुंह से आंवला जाऊं। पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्होंने दोनों बेटों से कह दिया है कि वे अब सक्षम हो गए हैं इसलिए वह अब कहीं भी एकांतवास पर चले जाएंगे।
समर्थकों को संबोधित करते हुए धर्मपाल सिंह ने उन पर लगे कुछ आरोपों पर सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि बरेली में उनका कोई घर नहीं है। हेड पोस्ट ऑफिस के सामने जिस कोठी के प्रांगण में वह समर्थकों को संबोधित कर रहे थे, उसे उन्होंने अपने भाई की संपत्ति बताया। अखबारों में छपी खबर पर तीखे ढंग से प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि रामपुर बाग में करोड़ों रुपये की उनकी कोठी बताई गई है, लेकिन यह सरासर झूठ है। उनका बरेली में कोई घर नहीं है। सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस पर रोजाना 40 लीटर दूध की खपत पर भी बोले कि यह दूध तो आगंतुकों के स्वागत-सत्कार पर खर्च होता था, लेकिन उनके खिलाफ दुष्प्रचार किया गया है।