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शासन ने शहला से पूछा...47 लाख के चेक पर एडवांस में क्यों कराया था साइन

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बरेली। नवाबगंज नगर पालिका की चेयरमैन शहला ताहिर की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सफाई कर्मचारियों का छह महीने तक वेतन न देने के मामले में डीएम की ओर से शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति पहले ही की जा चुकी है, अब वित्तीय गड़बड़ियों के दो और मामलों में उन पर शिकंजा कस दिया गया है। एक तो शासन के निर्देश पर नगर पालिका के पूर्व ईओ से 47 लाख के चेक पर एडवांस में साइन कराने के मामले में उन्हें नोटिस देकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है। दूसरे शौचालय निर्माण के लिए मिली 51 लाख की धनराशि के गोलमाल पर जवाब मांगा गया है।
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जनवरी से नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों के वेतन का भुगतान न करने का मामला शासन तक पहुंचने के बाद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह ने शहला ताहिर को नोटिस जारी कर 24 घंटे के अंदर वेतन का भुगतान करने का अल्टीमेटम दिया था। शहला ने इस नोटिस पर वेतन का भुगतान तो नहीं किया, उल्टे यह जवाब दिया कि डीएम चाहें तो खुद ही वेतन का भुगतान करा दें। इसके बाद डीएम ने शहला के वित्तीय अधिकार सीज करने की संस्तुति शासन में भेज दी थी। शहला ने इसके बाद बैकफुट पर आते हुए वेतन बिल पर साइन तो कर दिए, लेकिन उनके वित्तीय अधिकार सीज किए जाने का मामला अब शासन में लंबित है।
शहला इसके बाद वित्तीय गड़बड़ी के एक और मामले में फंस गई हैं। एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी की तरफ से कराई गई जांच में सामने आया था कि उन्होंने ईओ गुलशन कुमार सूरी के रिटायर होने के आखिरी दिन उनसे 47 लाख के चेक पर साइन करा लिए थे। इसका बाद में भुगतान भी करा लिया गया। शहला का कहना था कि चेक पर साइन कर्मचारियों को वेतन देने के लिए कराए गए थे। प्रशासन ने यह जांच रिपोर्ट भी शासन को भेज दी थी। इस पर नगर विकास अनुभाग के प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह इस मामले में शहला से जवाब मांगे। इसके बाद एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी ने शहला को नोटिस देकर तत्काल इस प्रकरण में अपना जवाब देने को कहा है।
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दूसरा घोटाला स्वच्छ भारत मिशन में हुआ बताया जा रहा है। शहला पर शौचालयों के निर्माण के लिए मिली 51 लाख का घोटाला करने का आरोप लगा है। एक भाजपा नेता ने इसकी शिकायत शासन में भी थी। आरोप है कि इस धनराशि से करीब पांच सौ लाभार्थियों के घरों में शौचालयों के निर्माण होने थे। नगर पालिका में इसके लिए लाभार्थियों का चयन भी किया गया लेकिन अक्तूबर में इसकी धनराशि निकला ली गई लेकिन कुछ ही लाभार्थियों के खाते में धनराशि भेजी गई। एडीएम रामसेवक द्विवेदी ने इस प्रकरण में भी नगर पालिका से रिकार्ड मांग लिए हैं।

47 लाख रुपये का एडवांस में चेक लेने के मामले में शासन ने चेयरमैन शहला ताहिर से जवाब मांगा है। शहला के खिलाफ स्वच्छ भारत मिशन में शौचालय निर्माण की धनराशि में गड़बड़ी करने की शिकायत हुई है। इसके भी अभिलेख मंगवाए गए हैं। -रामसेवक द्विवेदी, एडीएम प्रशासन
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