गले, हाथ और पीठ में तीन गोलियां लगी थीं इशहाक को
बरेली। परगवां के नवनिर्वाचित प्रधान इशहाक की हत्या के बाद उनके समर्थकों में भारी गुस्सा है। शुक्रवार को शव के पोस्टमार्टम के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। पुलिस ने 24 घंटे के अंदर आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया तो समर्थकों ने चेतावनी दी कि इसके बाद कलक्ट्रेट घेरकर इंसाफ मांगेंगे। उधर, बृहस्पतिवार रात आरोपियों के घरों पर तोड़फोड़ के बाद गांव में पुलिस तैनात कर दी गई है।
परगवां के नवनिर्वाचित प्रधान इशहाक और उनकी पत्नी शकीना पर बृहस्पतिवार शाम कांधरपुर से लौट रहे थे। उसी दौरान उमरसिया और परगवां के बीच बाग के पास गांव के पूर्व प्रधान और इशहाक के खिलाफ चुनाव लड़े एक अन्य प्रत्याशी ने हथियारबंद लोगों के साथ उन हमला कर दिया। ताबड़तोड़ फायरिंग में इशहाक की मौके पर ही मौत हो गई जबकि शकीना घायल हो गई थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इशहाक को तीन गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। एक गोली गर्दन में सामने लगकर पीछे निकल गई। दूसरी हाथ में और तीसरी पीठ की तरफ से मारी गई जो आगे सीने से निकल गई।
बृहस्पतिवार रात इशहाक के गुस्साए समर्थकों ने आरोपी पूर्व प्रधान रतन लाल के घर हमला करके जमकर तोड़फोड़ की। वे लोग दूसरे आरोपी मोहर सिंह के घर का दरवाजा नहीं तोड़ सके तो उसके कार्यालय और वहां खड़ी कार और ट्रैक्टर में भी तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद गांव में पुलिस और पीएसी तैनात की गई है।
शुक्रवार दोपहर पोस्टमार्टम के बाद इशहाक का शव गांव पहुंचा तो एक फिर समर्थकों की भीड़ लग गई। इशहाक के परिवार वालों की इंस्पेक्टर कैंट राजीव सिंह से काफी बहस भी हुई। इंस्पेक्टर कैंट ने कहा कि वह 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे तो गुस्साए परिजन ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो 25वां घंटा उनका होगा और वे कई गांवों के लोगों के साथ कलक्ट्रेट का घेराव करेंगे। शाम को परिवार ने इशहाक को सुपुर्दे खाक कर दिया।
पिछले साल ईद पर शुरू हुआ था विवाद
इशहाक के परिजन के मुताबिक पिछले साल ईद लॉकडाउन में हुई थी। इशहाक उस समय मथुरा से अपने गांव आ चुके थे और पुलिस ने उन्हें पुलिसमित्र भी बना दिया था। तब रतनपाल प्रधान था, उसने लोगों को भड़काकर मस्जिद में सामूहिक नमाज पढ़ने को कहा लेकिन इशहाक ने इसका विरोध कर दिया और उसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंप दी थी। तब से ही रतनपाल उनसे रंजिश मानने लगा था लेकिन इस बार इशहाक ने उसे चुनाव में हराया तो वह बौखला गया था।
सबक सिखाने का ऑडियो वायरल
इशहाक की हत्या के बाद एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो चुनाव से पहले का है। इसमें पूनम नाम की महिला एक व्यक्ति से बात कर रही है, जो इशहाक को सबक सिखाने की बात कह रहा है। वह व्यक्ति रतनपाल बताया जा रहा है लेकिन इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, गांव में चर्चा है कि रतनपाल ने प्रधानी की शपथ होने से पहले ही सबक सिखाने की धमकी भी दी थी। मगर इशहाक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें नुकसान उठाना पड़ा।
छह ने किया था हमला, पांच पर रिपोर्ट, दो गिरफ्तार
इशहाक के परिवार वालों ने मुताबिक शकीना ने बताया है कि परगवां निवासी मोहर सिंह, उसका बेटा अनुराग, उसका दामाद भुता के गांव सिंघाई निवासी भगवत पटेल, रतनलाल, उसका बेटा राहुल एवं एक अन्य ने उन लोगों पर हमला किया था। मगर इशहाक की बहन शीवा रानी की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में सिर्फ पांच लोगों को नामजद किया गया है। इनमें से पुलिस ने रतनलाल और उसके बेटे राहुल को गिरफ्तार कर लिया है।